छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, अब तक सामान्य से 5.6% ज्यादा बारिश; रायपुर में 41.6% अधिक वर्षा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के 26 सितंबर के अपडेट के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन कमजोर हो रहा है। इसके चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में आने वाले दिनों में कमी आने की संभावना है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

प्रदेश में सामान्य से 5.6 फीसदी ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 26 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में कुल 1150.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 1089.6 मिमी है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 5.6 फीसदी अधिक बारिश हुई है।

प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले में हुई है। यहां अब तक 1551.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 71.1 फीसदी अधिक है।

इसके अलावा नारायणपुर में 1720.2 मिमी, गरियाबंद में 1462.1 मिमी, बालोद में 1311.8 मिमी, रायपुर में 1303.6 मिमी और धमतरी में 1301.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

रायपुर में सामान्य से 41.6 फीसदी अधिक बारिश

राजधानी रायपुर में भी इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी ऊपर है। 1 जून से 26 सितंबर तक रायपुर में 1303.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 41.6 फीसदी अधिक है।

वहीं, गरियाबंद में सामान्य से 35.6 फीसदी, बालोद में 25.7 फीसदी और धमतरी में 22.2 फीसदी अधिक बारिश हुई है। महासमुंद में सामान्य से 24.7 फीसदी और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 35 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।

दुर्ग जिले में अब तक 963.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 17.6 फीसदी ज्यादा है।

इन जिलों में सामान्य से कम बारिश

प्रदेश के कुछ जिलों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य से 20.3 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

इसी तरह बीजापुर में 19.1 फीसदी, सुकमा और बेमेतरा में 17.3 फीसदी, जबकि कांकेर में सामान्य से 16.9 फीसदी कम बारिश हुई है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

डिप्रेशन के कमजोर होने के साथ प्रदेश में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं। हालांकि, स्थानीय मौसम परिस्थितियों के प्रभाव से कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मानसून की वापसी के साथ आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा।

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