नवरात्र में रायपुर रजिस्ट्री दफ्तर की कमाई आधी, 900 की जगह हुए सिर्फ 500 दस्तावेजों का पंजीयन

रायपुर। नवरात्र के दौरान इस बार रायपुर के रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन-जायदाद के दस्तावेजों के पंजीयन में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार रजिस्ट्रियों की संख्या में कमी आई है, जिसका सीधा असर विभाग के राजस्व पर पड़ा है। पिछले साल नवरात्र के नौ दिनों में करीब 900 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था, जिससे लगभग 14 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं, इस साल इसी अवधि में करीब 500 दस्तावेजों का ही पंजीयन हो सका और राजस्व घटकर लगभग 7 करोड़ रुपये रह गया।
पांच दिन ही खुला रजिस्ट्री कार्यालय
इस बार नवरात्र के दौरान छुट्टियों के चलते रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज के लिए सीमित दिन ही मिल सके। नौ दिनों की अवधि में कार्यालय केवल पांच दिन खुला रहा। नवरात्र की शुरुआत रविवार से होने के कारण शनिवार, रविवार और अष्टमी की छुट्टी सहित कुल चार दिन कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा। कम कार्यदिवस भी पंजीयन की संख्या घटने की एक वजह माने जा रहे हैं।
नई गाइडलाइन से भी प्रभावित हुआ पंजीयन
रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट के पीछे संपत्तियों के मूल्यांकन से संबंधित नई गाइडलाइन को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है। नई गाइडलाइन के तहत जमीनों की कीमतों में बढ़ोतरी होने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों की खरीद-बिक्री प्रभावित हुई है। माना जा रहा है कि बढ़ी हुई दरों के कारण कुछ लोग जमीन-जायदाद के सौदों और रजिस्ट्री को लेकर फिलहाल इंतजार कर रहे हैं।
दिवाली में बढ़ सकती है रजिस्ट्रियों की संख्या
पंजीयक विनोज कोचे के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार नवरात्र के दौरान रजिस्ट्रियों की संख्या कम रही, जिसके चलते राजस्व में भी गिरावट आई है। हालांकि, विभाग को उम्मीद है कि दिवाली के दौरान संपत्तियों की खरीद-बिक्री बढ़ने के साथ रजिस्ट्री की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।
आंकड़ों पर एक नजर
पिछले साल: करीब 900 दस्तावेजों का पंजीयन
पिछले साल का राजस्व: लगभग 14 करोड़ रुपये
इस साल: करीब 500 दस्तावेजों का पंजीयन
इस साल का राजस्व: लगभग 7 करोड़ रुपये
मुख्य वजहें: सीमित कार्यदिवस और नई गाइडलाइन का प्रभाव



