छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, दिन में तेज धूप तो रात में बढ़ रही ठंडक

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बारिश थमने के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में आसमान साफ रहने से दिन में तेज धूप निकल रही है, वहीं रात के तापमान में गिरावट के कारण ठंडक महसूस होने लगी है। दिन और रात के तापमान में करीब 11 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया जा रहा है। मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है।
दिन में गर्मी, रात में ठंड का एहसास

प्रदेश में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कम हैं। आसमान साफ होने के कारण दिन में धूप तेज पड़ रही है, जिससे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रात में तापमान गिरने से मौसम ठंडा हो रहा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में दिन और रात के मौसम में अंतर महसूस किया जा रहा है।

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को दिन में गर्मी और रात में ठंड से बचाव करना पड़ रहा है।
अगले तीन दिनों तक मौसम में बड़े बदलाव के आसार नहीं

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान आसमान मुख्यतः साफ रहने और दिन में धूप तेज रहने के आसार हैं। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आसमान में बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है। इससे रात के तापमान में गिरावट की गति धीमी पड़ने की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में बारिश की संभावना कम बताई गई है।

रायपुर में 33.4 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान

तापमान की बात करें तो बुधवार को राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान के इन आंकड़ों से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति में अंतर स्पष्ट दिखाई देता है। मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी महसूस हो रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में रातें अपेक्षाकृत ठंडी हो रही हैं।
बदलते मौसम में सेहत का रखें ध्यान

दिन और रात के तापमान में अंतर होने से सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी मौसमी समस्याओं से बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। दिन में हल्के कपड़े पहनें और सुबह-शाम ठंडक महसूस होने पर हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करें। यदि सर्दी-खांसी या गले में खराश लंबे समय तक बनी रहती है, तो चिकित्सकीय सलाह लें।

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