ईरान बातचीत के लिए तैयार, लेकिन युद्ध की भी चेतावनी; अराघची ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश कूटनीति और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी संभावित सैन्य टकराव के लिए भी पूरी तरह तैयार है। NBC News के इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि ईरान युद्ध फिर शुरू होने की स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है और उन्होंने इसे लेकर “डूम्सडे वॉर” तक की चेतावनी दी।
अमेरिका पर बातचीत के दौरान हमला करने का आरोप
अराघची ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान सैन्य कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, ईरान ने पहले भी अमेरिकी बातचीत के प्रस्ताव स्वीकार किए, लेकिन वार्ता के बीच सैन्य कार्रवाई होने से दोनों देशों के बीच भरोसे का संकट पैदा हुआ।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद उनका देश कूटनीति का रास्ता बंद नहीं करना चाहता। उनका कहना है कि अगर शांति का कोई अवसर मौजूद है तो उसे गंवाना नहीं चाहिए।
2015 के परमाणु समझौते का भी जिक्र
अराघची ने 2015 के परमाणु समझौते का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ईरान उस समझौते के प्रति प्रतिबद्ध रहा, जबकि अमेरिका बाद में इससे बाहर निकल गया।
उनके बयान के अनुसार, ईरान के लिए अमेरिका के साथ किसी भी नई बातचीत में पिछले समझौतों और उनके अनुभवों को नजरअंदाज करना संभव नहीं है।
होर्मुज को लेकर ईरान की शर्तें
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी अहम मुद्दा बना हुआ है। हालिया कूटनीतिक प्रयासों में ईरान ने होर्मुज को फिर से खोलने की संभावना को कुछ शर्तों से जोड़ा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की मांगों में सैन्य दबाव और बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करना, ईरानी तेल की बिक्री पर प्रतिबंधों में राहत और विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करना शामिल है।
युद्ध के साथ बातचीत का रास्ता भी खुला
अराघची के ताजा बयान से ईरान का दोहरा रुख सामने आता है। एक तरफ वह अमेरिका के साथ किसी संभावित सैन्य टकराव के लिए तैयार रहने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक समाधान की संभावना को भी पूरी तरह खत्म नहीं कर रहा।
इस बीच अमेरिका की ओर से भी बातचीत को लेकर अलग-अलग संकेत सामने आए हैं, जबकि होर्मुज से जुड़ा तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग पर असर डाल रहा है।



