विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में रियल एस्टेट सेक्टर की अहम भूमिका: CM साय, स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा नया ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के बीच प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास और मजबूत अधोसंरचना की जरूरत बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों से प्रदेश के विकास में भागीदार बनने और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ में 2047 तक 75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ तैयार किया है। राज्य ने वर्ष 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा, बिजली और जल संसाधन हैं। प्रदेश का करीब 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। बेहतर कनेक्टिविटी और मेहनतकश आबादी को भी उन्होंने राज्य की बड़ी ताकत बताया।
हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा हो रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन करीब 1600 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति दी है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के तहत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।
रायपुर-दुर्ग-भिलाई-राजनांदगांव क्षेत्र बनेगा स्टेट कैपिटल रीजन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसमें रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़कर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है।
स्टेट कैपिटल रीजन के माध्यम से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभर सकता है। बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए योजनाबद्ध विकास और आधुनिक नागरिक सुविधाओं के साथ मजबूत अधोसंरचना जरूरी है।
बस्तर में पर्यटन और होमस्टे से रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल हिंसा के लंबे दौर के बाद बस्तर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ विकास को भी प्राथमिकता दी है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली और पेयजल सहित मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और करीब 40 हजार लोगों का उपचार हुआ है। वहीं, ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।
साय ने कहा कि बस्तर अब प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन के लिए भी पहचान बना रहा है। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है। राज्य सरकार होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
400 से अधिक सुधार, निवेश के लिए आसान हो रही प्रक्रियाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। कई शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है और ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों और निवेशकों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और प्रदेश को अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरना शुरू हो गई हैं।
रजिस्ट्री प्रक्रिया में तकनीक आधारित सुधार
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस गवर्नेंस और रिफॉर्म पर है। रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और नागरिक अनुकूल बनाने के लिए दस्तावेजों की उपलब्धता से लेकर ऑटो म्यूटेशन तक तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम में क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल, निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवाई रेड्डी, राष्ट्रीय सदस्य आनंद सिंघानिया, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष पंकज लाहोटी सहित वास्तुविद, इंजीनियर, उद्यमी और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



