छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई, कहीं राहत तो कहीं बारिश ने बरपाया कहर

Chhattisgarh Monsoon News: छत्तीसगढ़ से चार महीने के सफर के बाद मानसून की विदाई हो गई है। इस बार मानसून प्रदेश के लिए मिला-जुला अनुभव छोड़ गया। कहीं झमाझम बारिश ने जलस्रोतों को भर दिया और पानी की चिंता दूर की, तो कहीं अतिवृष्टि और बाढ़ ने जनजीवन के साथ खेती को भी प्रभावित किया। प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान औसतन 1155.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 2.1 प्रतिशत अधिक है।
हालांकि, बारिश का वितरण सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा। कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने, जबकि कुछ जिलों में मानसून के अंतिम दौर तक बारिश की कमी बनी रही। अच्छी बात यह रही कि पर्याप्त बारिश के चलते प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में पानी की स्थिति बेहतर हो गई है।
बिलासपुर में रिकॉर्ड बारिश से बिगड़े हालात
मानसून के दौरान बिलासपुर में एक दिन में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। कुछ ही घंटों की मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न होने से जनजीवन प्रभावित हुआ। अचानक आई भारी बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
बस्तर में बाढ़ से मची तबाही
बस्तर संभाग में भी मानसून के दौरान भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ाईं। लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए और कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी। कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। कुछ क्षेत्रों में ओडिशा की ओर से आया पानी भी परेशानी का कारण बना।
12 बड़े जलाशय 92 फीसदी से ज्यादा भरे
मानसून की विदाई के समय प्रदेश के जलाशयों में पानी की स्थिति काफी बेहतर है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 12 प्रमुख बड़े जलाशय 92.54 प्रतिशत और 34 मध्यम जलाशय 95.78 प्रतिशत तक भर चुके हैं।
मणियारी, तांदुला, मुरुमसिल्ली, खारंग और रविशंकर सागर (गंगरेल) जैसे प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त पानी है। इससे आने वाले समय में पेयजल के साथ रबी फसलों के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है।
रायपुर में भी बारिश ने बढ़ाई परेशानी
मानसून के अंतिम दौर में राजधानी रायपुर में हुई तेज बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी। निचले इलाकों, सड़कों और कॉलोनियों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। कई जगह नालियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के आंकड़ों में बड़ा अंतर
इस मानसून सीजन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश का आंकड़ा काफी अलग रहा। बलरामपुर में सबसे अधिक 1556.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य का 165.3 प्रतिशत है। वहीं बेमेतरा में सबसे कम 674.9 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य का 80.4 प्रतिशत है।
राजधानी रायपुर में इस सीजन 1307.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य का 135.4 प्रतिशत है।
छत्तीसगढ़ में मानसून की प्रमुख तस्वीर
- प्रदेश में औसत बारिश: 1155.3 मिमी
- सामान्य के मुकाबले: 102.1 प्रतिशत
- सर्वाधिक बारिश: बलरामपुर – 1556.6 मिमी
- बलरामपुर में सामान्य के मुकाबले: 165.3 प्रतिशत
- सबसे कम बारिश: बेमेतरा – 674.9 मिमी
- बेमेतरा में सामान्य के मुकाबले: 80.4 प्रतिशत
- रायपुर में बारिश: 1307.4 मिमी
- रायपुर में सामान्य के मुकाबले: 135.4 प्रतिशत
- 12 बड़े जलाशय: 92.54 प्रतिशत भरे
- 34 मध्यम जलाशय: 95.78 प्रतिशत भरे
कहीं सामान्य तो कहीं कम रही बारिश
प्रदेश के कई जिलों में बारिश सामान्य के आसपास रही। इनमें सूरजपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, मुंगेली, दुर्ग, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोंडागांव और दंतेवाड़ा शामिल हैं।
कुल मिलाकर इस बार मानसून ने छत्तीसगढ़ में जलस्रोतों को भरने और पानी की उपलब्धता बेहतर करने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन कई इलाकों में अतिवृष्टि और बाढ़ ने खेती, आवागमन और जनजीवन को प्रभावित किया। अब मानसून की विदाई के साथ प्रदेश में मौसम के अगले बदलाव का इंतजार है।



