छत्तीसगढ़ के 19 बांध 100% भरे, जलाशयों में 94.22% पानी; गंगरेल-बांगो भी लबालब

Chhattisgarh Dam Water Level: छत्तीसगढ़ में लगातार हुई बारिश से प्रदेश के बांधों और जलाशयों में भरपूर पानी पहुंचा है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 19 छोटे-बड़े बांध 100 प्रतिशत भर चुके हैं। वहीं, प्रमुख जलाशयों में कुल क्षमता का 94.22 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। इस साल 29 सितंबर तक जलाशयों में पिछले वर्ष की तुलना में 4.03 प्रतिशत अधिक जलभराव दर्ज किया गया है। तांदुला, दुधावा, खरखरा और खारंग जैसे जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि गंगरेल और मिनीमाता बांगो में भी जलभराव का स्तर काफी अधिक है।

जलाशयों में 94.22 प्रतिशत पानी, पिछले साल से ज्यादा जलभराव

जल संसाधन विभाग की 29 सितंबर 2026 की टैंक गेज रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख, मध्यम और अन्य महत्वपूर्ण जलाशयों की कुल 6,360.23 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) लाइव क्षमता के मुकाबले 5,992.29 एमसीएम पानी उपलब्ध है। यह कुल क्षमता का 94.22 प्रतिशत है।

पिछले वर्ष 29 सितंबर को जलाशयों में 5,736.50 एमसीएम पानी था, जो कुल क्षमता का 90.19 प्रतिशत था। इस तरह इस साल पिछले वर्ष की तुलना में जलभराव 4.03 प्रतिशत अधिक है।

वहीं, वर्ष 2024 में इसी अवधि के दौरान जलाशयों में 5,516.62 एमसीएम पानी उपलब्ध था, जो कुल क्षमता का 86.74 प्रतिशत था। आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों की तुलना में इस साल जलाशयों में अधिक पानी दर्ज किया गया है।

इन 19 बांधों में 100 प्रतिशत जलभराव

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 19 जलाशय अपनी पूरी क्षमता तक भर चुके हैं। इनमें शामिल हैं:

  • बालोद: तांदुला, खरखरा
  • कांकेर: दुधावा
  • बिलासपुर: खारंग, घोंघा
  • मुंगेली: मनियारी
  • बस्तर: कोसारटेडा
  • सरगुजा: श्याम, बरनई
  • बलौदाबाजार: बलार
  • कबीरधाम: सुतियापाट, सरोदा, बेहराखार
  • राजनांदगांव: मटियामोती, रूसे
  • कोरिया: गेज टैंक
  • रायपुर: पेंड्रावन
  • दुर्ग: खपरी
  • रायगढ़: किनकारी नाला

लगातार बारिश और जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक के कारण इन जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है।

गंगरेल और बांगो में भी भरपूर पानी

प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में भी जलभराव का स्तर काफी अधिक है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गंगरेल बांध में 97.52 प्रतिशत, मिनीमाता बांगो जलाशय में 93.66 प्रतिशत और मुरुमसिल्ली जलाशय में 98.49 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।

इन जलाशयों में पर्याप्त पानी होने से जल संसाधनों की स्थिति मजबूत हुई है। हालांकि, जलाशयों के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखना जरूरी है।

बारिश के बाद नदियों का जलस्तर सामान्य होने की उम्मीद

लगातार बारिश और जलग्रहण क्षेत्रों से बांधों में पानी पहुंचने का असर नदियों के प्रवाह पर भी पड़ा। प्रदेश के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। हालांकि, बारिश का दौर थमने और पानी की आवक कम होने के बाद स्थिति में धीरे-धीरे सुधार की संभावना है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, परिस्थितियां सामान्य रहने पर अगले एक सप्ताह में नदियों का जलस्तर सामान्य हो सकता है।

कुल मिलाकर, इस साल सितंबर के अंत तक छत्तीसगढ़ के जलाशयों में पिछले दो वर्षों की तुलना में अधिक पानी दर्ज किया गया है। 19 बांधों का पूरी क्षमता तक भरना और प्रमुख जलाशयों में 90 प्रतिशत से अधिक जलभराव प्रदेश में हुई अच्छी बारिश को दर्शाता है।

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