छत्तीसगढ़ में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, 500 करोड़ का मिशन; 1,000 करोड़ से अधिक निवेश जुटाने की तैयारी

Raipur News: छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को नई पहचान देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन शुरू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की मिशन निधि प्रस्तावित करने और विभिन्न स्रोतों से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
मिशन के तहत चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, राजिम और हसदेव बांगो सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने, 12 हजार अतिरिक्त कमरों की आवास क्षमता विकसित करने और स्थानीय युवाओं व महिलाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक स्थल प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा।
500 करोड़ की मिशन निधि, 1,000 करोड़ से अधिक जुटाने की योजना
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने 500 करोड़ रुपए की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), केंद्र सरकार की योजनाओं और विभिन्न विभागों के समन्वय से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन परियोजनाओं के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। परियोजनाओं की योजना बनाते समय उनके दीर्घकालिक लाभ, स्थानीय रोजगार और आर्थिक संभावनाओं को प्राथमिकता दी जाए।
चित्रकोट, मैनपाट और सिरपुर समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा विकास
मिशन के प्रथम चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना है।
इसके अलावा मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर भी सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित है।
इन स्थानों पर बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। विकास कार्यों के दौरान स्थानीय संस्कृति, वास्तुकला और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
1,000 पर्यटन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत स्थानीय युवाओं और महिलाओं को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने और 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों और 500 टूर गाइड व फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षित करने की योजना है।
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, पर्यटन मार्गदर्शन और परिवहन जैसी सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने की तैयारी
मिशन के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही पर्यटकों के औसत प्रवास की अवधि बढ़ाकर दो दिन करने की दिशा में काम किया जाएगा।
पर्यटकों के लिए आवास सुविधाओं का विस्तार करते हुए प्रदेश में 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
पर्यटन क्षेत्र में 10 से 20 सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) परियोजनाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इनके माध्यम से कम से कम 1,000 करोड़ रुपए का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट बनेंगे
छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ने के लिए चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है। इससे पर्यटकों को एक ही यात्रा में प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को देखने का अवसर मिलेगा।
प्रमुख पर्यटन मार्गों पर लगभग 15 से 20 वे-साइड सुविधाएं और करीब 500 पर्यटन संकेतक स्थापित करने की भी योजना है। इससे पर्यटकों को रास्तों की जानकारी, सुविधाओं की उपलब्धता और यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्यटन सर्किट इस तरह विकसित किए जाएं, जिससे छत्तीसगढ़ की विविधता को बेहतर तरीके से प्रदर्शित किया जा सके।
वेबसाइट और मोबाइल एप से मिलेगी पर्यटन की जानकारी
पर्यटकों की सुविधा के लिए मिशन में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत बहुभाषी पर्यटन वेबसाइट, मोबाइल एप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पर्यटन सूचना, डिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और रियल टाइम नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
इन सुविधाओं के माध्यम से पर्यटक पर्यटन स्थलों, होटल, परिवहन, स्थानीय आकर्षण, खानपान और अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी एक ही मंच पर प्राप्त कर सकेंगे।
जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को मिलेगी पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, पारंपरिक खानपान, हस्तशिल्प और लोककला प्रदेश की अमूल्य विरासत हैं। पर्यटन विकास के दौरान इनकी मौलिकता और गरिमा को बनाए रखते हुए इन्हें व्यापक पहचान दिलाई जानी चाहिए।
बैठक में बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता तथा जनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। साथ ही पर्यटन स्थलों पर विकास कार्य करते समय पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
‘पर्यटन से समृद्धि’ होगी मिशन की थीम
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की मूल अवधारणा ‘पर्यटन से समृद्धि’ रखी गई है। इसके तहत पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों के विकास तक सीमित न रखते हुए रोजगार, निवेश, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
मिशन के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय मार्गदर्शक समिति और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय संचालन समिति गठित करने का प्रावधान है। पर्यटन, लोक निर्माण, वन, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग और कौशल विकास सहित संबंधित विभागों के समन्वय से परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर पर्यटन स्थलों का चयन करने और प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाना है, जहां पर्यटकों को प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आत्मीयता का यादगार अनुभव मिले और पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचे।
बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं प्रभात मलिक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



