महाराष्ट्र में वित्त मंत्रालय पर घमासान तेज, सुनेत्रा पवार ने अमित शाह से की मुलाकात; NCP ने फिर ठोका दावा

मुंबई, 20 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र की महायुति सरकार में वित्त मंत्रालय के बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की अध्यक्ष और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उनके सांसद बेटे पार्थ पवार भी मौजूद रहे। अजित पवार के निधन के बाद से वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। वहीं, NCP लगातार इस महत्वपूर्ण विभाग को अपने हिस्से में देने की मांग कर रही है। ऐसे में सुनेत्रा पवार की अमित शाह से मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में वित्त मंत्रालय के बंटवारे के साथ-साथ मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
अमित शाह से सुनेत्रा पवार की दूसरी मुलाकात, सियासी चर्चाएं तेज
सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की अमित शाह के साथ यह दूसरी मुलाकात बताई जा रही है, जिसमें NCP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे मौजूद नहीं थे। इन नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे या इसके पीछे की रणनीति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अजित पवार के निधन के बाद वित्त मंत्रालय का प्रभार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संभाल रहे हैं। NCP नेताओं का मानना है कि यह विभाग पार्टी को सौंपा जाना चाहिए। सुनेत्रा पवार की अमित शाह से मुलाकात के बाद इस मांग पर एक बार फिर सबकी नजरें टिक गई हैं।
सुनील तटकरे ने दोहराई वित्त मंत्रालय देने की मांग
NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी वित्त मंत्रालय पार्टी को सौंपने की मांग दोहराई है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस संबंध में चर्चा हुई है और सभी मिलकर निर्णय लेंगे। उनके बयान के बाद महायुति सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।
इससे पहले पुणे में भाजपा और NCP नेताओं के बीच समन्वय बैठक भी हुई थी। बताया गया कि बैठक में वित्त मंत्रालय से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई। हालांकि, भाजपा की ओर से गठबंधन में किसी तरह के विवाद या नाराजगी से इनकार किया गया था।
रोहित पवार के बयान से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
NCP (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 18 अक्टूबर को दावा किया था कि सुनेत्रा पवार को वित्त मंत्री का पद नहीं मिलेगा। उन्होंने अजित पवार के निधन के बाद भाजपा के पास वित्त मंत्रालय बने रहने को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई।
दूसरी ओर, सुनेत्रा पवार ने हाल ही में मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव प्रचार के सिलसिले में बीड और नांदेड़ का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने महायुति सरकार में किसी तरह के विवाद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि गठबंधन में अलग-अलग विचारधाराओं के लोग हो सकते हैं, लेकिन साथ आने के बाद सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
सुनेत्रा पवार ने किसी का नाम लिए बिना यह भी कहा कि कुछ लोग गलत बातें फैलाने में माहिर होते हैं। उन्होंने दोहराया कि सत्तारूढ़ गठबंधन में सब कुछ ठीक है।
शीतकालीन सत्र से पहले हो सकता है फैसला?
अब महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शीतकालीन विधानसभा सत्र से पहले वित्त मंत्रालय को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा। सुनेत्रा पवार की अमित शाह से मुलाकात, सुनील तटकरे की मांग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान ने इस मुद्दे को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल वित्त मंत्रालय किसे सौंपा जाएगा, इस संबंध में किसी अंतिम निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में महायुति के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली आगामी चर्चाएं महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। अब देखना होगा कि भाजपा और NCP के बीच इस विभाग को लेकर सहमति बनती है या वित्त मंत्रालय का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में आगे भी गरमाया रहता है।



