झमाझम बारिश के बाद आज से राहत के आसार, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश के बाद अब लोगों को राहत मिलने के आसार हैं। राजधानी रायपुर में गुरुवार को बारिश थमने के बाद धूप भी निकली। हालांकि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। तेज बारिश के चलते कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया। खारून नदी का जलस्तर बढ़ने से दुर्ग और रायपुर को जोड़ने वाला महादेव घाट स्थित पुल डूब गया। आसपास की निचली बस्तियों में भी पानी भर गया। इसके चलते कुंड में विसर्जन पर रोक लगाई गई।
आज कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ का मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी बनी रहेगी। अगले दो दिनों तक भी मौसम का मिजाज इसी तरह रहने के आसार हैं। हालांकि, प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसके क्षेत्र में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
रायपुर में बारिश के साथ बौछारों के आसार
राजधानी रायपुर में 27 सितंबर को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। इस दौरान एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शहर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
दुर्ग में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार:
- दुर्ग – 20 सेंटीमीटर
- पिपरिया – 19 सेंटीमीटर
- रायपुर शहर – 18 सेंटीमीटर
- पखांजूर – 17 सेंटीमीटर
- गंडई और भिलाई – 16 सेंटीमीटर
- बोराई, बालोद, मंदिर हसौद, घुमका, धरसींवा, सिमगा, अर्जुन्दा और अंतागढ़ – 15-15 सेंटीमीटर
इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
कमजोर होगा अवदाब
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब पिछले छह घंटों में करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। इसके आगे उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है।
यह सिस्टम अगले 12 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के ऊपर धीरे-धीरे कमजोर होकर स्पष्ट रूप से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है। इसके कमजोर होने के साथ ही छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में भी कमी आने के आसार हैं।



