बोर्ड परीक्षा केंद्रों की दूरी बढ़ने पर विवाद, 8 KM दूर तक जाना पड़ सकता है छात्रों को

Chhattisgarh Board Exam 2027: छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के परीक्षा केंद्रों में बदलाव संबंधी फैसले पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। शिक्षक संघ ने आशंका व्यक्त की है कि नई व्यवस्था लागू होने पर कुछ विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए पहले की तुलना में 5 से 8 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इसे देखते हुए संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
CG Board Exam 2027: ग्रामीण विद्यार्थियों की बढ़ सकती है परेशानी
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में बदलाव का असर खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। शिक्षक संघ के मुताबिक, जिन विद्यार्थियों को अब तक अपने स्कूल या नजदीकी केंद्र में परीक्षा देने की सुविधा मिलती थी, उन्हें नई व्यवस्था में दूसरे स्कूलों तक जाना पड़ सकता है।
परीक्षा केंद्र की दूरी बढ़ने से विद्यार्थियों को समय पर पहुंचने के लिए घर से जल्दी निकलना होगा। वहीं, जिन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है, वहां छात्रों और अभिभावकों को आने-जाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
5 से 8 किलोमीटर दूर हो सकते हैं परीक्षा केंद्र
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने आशंका जताई है कि परीक्षा केंद्रों में बदलाव के कारण कुछ विद्यार्थियों को 5 से 8 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे परीक्षा के दिनों में विद्यार्थियों को परिवहन संबंधी परेशानियों के साथ अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ सकता है।
संघ का कहना है कि परीक्षा केंद्र निर्धारित करते समय विद्यार्थियों के निवास स्थान, स्कूलों की दूरी और परिवहन सुविधाओं को ध्यान में रखना जरूरी है, ताकि किसी भी छात्र को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
परीक्षा केंद्र दूर होने की आशंका के बीच छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन के सीमित साधनों के कारण छात्राओं को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और परीक्षा समाप्त होने के बाद घर लौटने में कठिनाई हो सकती है।
शिक्षक संघ का मानना है कि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए। खासकर उन क्षेत्रों में वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है, जहां नियमित यातायात के साधन आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने परीक्षा केंद्रों में बदलाव संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा है कि परीक्षा केंद्र विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर निर्धारित किए जाएं।
शिक्षक संगठन चाहता है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से दूर स्थित परीक्षा केंद्रों पर जाने के लिए मजबूर न होना पड़े। साथ ही, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और परिवहन संबंधी समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाए।
माशिमं के फैसले पर टिकी नजरें
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर शिक्षक संघ की आपत्ति के बाद अब माध्यमिक शिक्षा मंडल और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर नजर रहेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में माशिमं की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब देखना होगा कि शिक्षक संघ की मांग पर विभाग क्या रुख अपनाता है और क्या विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में कोई बदलाव किया जाता है।
नोट: परीक्षा केंद्रों की दूरी 5 से 8 किलोमीटर तक बढ़ने की बात फिलहाल शिक्षक संघ की आशंका है। इसे अंतिम या आधिकारिक निर्णय के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।



