त्योहारी सीजन में हवाई किराए में लगी आग! रायपुर से पुणे का टिकट ₹20 हजार के पार, दिल्ली-मुंबई का सफर भी महंगा

Raipur Flight Fare Hike: त्योहारी सीजन में हवाई सफर करना यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रहा है। नवरात्र, दशहरा और दीपावली के दौरान बढ़ी मांग के बीच रायपुर से देश के प्रमुख शहरों के लिए हवाई किराए में भारी उछाल आया है। रायपुर से पुणे का टिकट 19,000 से 20,000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों को भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है।

रायपुर से इन शहरों का हवाई किराया बढ़ा

1 से 6 नवंबर के बीच यात्रा के लिए रायपुर से विभिन्न शहरों का हवाई किराया सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना तक महंगा बताया जा रहा है। उपलब्ध किराया विवरण के अनुसार, पुणे के लिए टिकट की कीमत 19,488 से 20,000 रुपये तक पहुंच गई है। मुंबई और कोलकाता के लिए भी यात्रियों को 14,000 रुपये से अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं।

रायपुर से प्रमुख शहरों का किराया

शहर त्योहारी सीजन में किराया सामान्य दिनों में किराया
पुणे ₹19,488–20,000 ₹6,500–7,500
दिल्ली ₹9,327–12,000 ₹5,500–6,500
मुंबई ₹14,356–15,500 ₹5,500–6,500
कोलकाता ₹13,642–14,000 ₹5,200–6,000
हैदराबाद ₹11,000–13,000 ₹4,500–6,200

नोट: किराया उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित है। वास्तविक कीमत यात्रा की तारीख, उड़ान, सीटों की उपलब्धता और बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकती है।

मांग बढ़ते ही महंगे हो रहे टिकट

त्योहारी सीजन में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और परिवारों तक पहुंचने के लिए यात्रा करते हैं। इसके अलावा, कॉर्पोरेट और व्यावसायिक यात्राओं की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में कम कीमत वाले टिकट जल्दी बिक जाते हैं और यात्रियों के पास महंगे किराए वाले विकल्प ही बचते हैं।

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर अमर सिंग पंडेल के मुताबिक, त्योहारी सीजन में कॉर्पोरेट और व्यावसायिक यात्राओं की मांग बढ़ने से हवाई किराए में तेजी आती है। कम कीमत वाली सीटें उपलब्ध नहीं रहने पर यात्रियों को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है।

डायनेमिक प्राइसिंग से यात्रियों की बढ़ी परेशानी

विमानन कंपनियां मांग और सीटों की उपलब्धता के आधार पर किराया तय करने के लिए डायनेमिक प्राइसिंग का इस्तेमाल करती हैं। इसके चलते एक ही उड़ान का किराया अलग-अलग समय पर बदल सकता है। यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है।

इसके साथ ही टिकट रद्द कराने या यात्रा की तारीख बदलने पर भी यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कैंसिलेशन और रीशेड्यूलिंग चार्ज 3,000 से 4,500 रुपये तक बताए गए हैं। हालांकि, वास्तविक शुल्क विमानन कंपनी और टिकट की शर्तों पर निर्भर करता है।

सस्ता विमान ईंधन, फिर भी यात्रियों को राहत नहीं

छत्तीसगढ़ में विमानन ईंधन यानी एटीएफ पर वैट की दर 4 प्रतिशत बताई गई है। इसके बावजूद त्योहारी सीजन में हवाई किराए में बढ़ोतरी से यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है। किराए में उछाल को लेकर यात्रियों के साथ व्यापारिक संगठनों ने भी चिंता जताई है।

कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष विमल बाफना के मुताबिक, आपात स्थिति में लंबी दूरी की यात्रा के लिए विमान एक बेहतर विकल्प है, लेकिन त्योहारों के दौरान किराए में भारी बढ़ोतरी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती है। उन्होंने हवाई किराए में होने वाली इस बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने की जरूरत बताई।

यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ

त्योहारों के दौरान परिवार के साथ यात्रा करने वालों के लिए हवाई टिकट का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। खासकर पुणे और मुंबई जैसे शहरों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को सामान्य दिनों के मुकाबले काफी अधिक राशि खर्च करनी पड़ सकती है। ऐसे में यात्रियों के लिए समय रहते टिकट बुक करना और अलग-अलग उड़ानों के किराए की तुलना करना फायदेमंद हो सकता है।

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