त्योहारों से पहले महंगाई का झटका! दाल-चावल और गेहूं के दाम बढ़े, बिगड़ा रसोई का बजट

Dal Rice Price Hike: त्योहारों से पहले आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। बीते एक महीने में दाल, चावल और गेहूं समेत कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम में तेजी आई है। बाजार में कुछ किस्म के चावल के भाव जहां 60 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 80 से 90 रुपए तक पहुंच गए हैं, वहीं राहर दाल भी 140 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है। अचानक बढ़े दामों से आम ग्राहक के साथ थोक और खुदरा कारोबारी भी हैरान हैं।
राज्य सरकार ने हाल ही में शक्कर की स्टॉक सीमा को लेकर सख्ती की थी। व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4000 क्विंटल से घटाकर 1000 क्विंटल किए जाने के बाद शक्कर के दामों में गिरावट आई है। हालांकि, दूसरी ओर दाल और अनाज की कीमतों में तेजी ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है।
एक महीने में 150 रुपए तक बढ़ा रसोई का खर्च
राजधानी में किराना सामान खरीदने वाले ग्राहकों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदना अब पहले की तुलना में महंगा हो गया है। डीडी नगर निवासी सविता मिश्रा के मुताबिक, रसोई से जुड़े करीब 10 जरूरी सामान खरीदने पर एक महीने पहले की तुलना में अब 100 से 150 रुपए तक अतिरिक्त खर्च हो रहा है। त्योहारों के सीजन में खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।
दाल और चावल के भाव में सबसे ज्यादा तेजी
बाजार में सबसे ज्यादा असर दाल और चावल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। मध्यम किस्म का चावल, जो करीब एक महीने पहले 60 रुपए प्रति किलो के आसपास था, अब 80 रुपए से अधिक में बिक रहा है। कुछ वैरायटी के चावल के दाम 90 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
राहर दाल की कीमत भी 110-130 रुपए से बढ़कर 140 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। चना दाल, उड़द और मूंग दाल के भाव में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गेहूं की कीमत 54-55 रुपए से बढ़कर 61-62 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है।
मॉल में किराना सामान और महंगा
शॉपिंग मॉल्स में भी किराना सामान के दाम सामान्य खुदरा बाजार की तुलना में अधिक हैं। चना दाल जहां खुदरा बाजार में करीब 90 रुपए प्रति किलो है, वहीं मॉल्स में इसका भाव 107 रुपए तक पहुंच रहा है। इसी तरह राहर दाल बाजार में 140 रुपए और मॉल्स में करीब 155 रुपए प्रति किलो बिक रही है। पतला चावल भी खुदरा बाजार में 90 रुपए, जबकि मॉल्स में करीब 100 रुपए प्रति किलो है।
महाराष्ट्र में कम बारिश से दालों के दाम बढ़ने की आशंका
थोक कारोबारियों के अनुसार, महाराष्ट्र में कम बारिश और आगामी फसल कमजोर रहने की आशंका के चलते दालों की कीमतों में तेजी आई है। हालांकि, चावल के दाम में अचानक आई तेजी की स्पष्ट वजह कारोबारी भी नहीं बता पा रहे हैं। बाजार में त्योहारों से पहले सट्टेबाजी और जमाखोरी की आशंका भी जताई जा रही है।
रायपुर थोक अनाज व्यापारी कल्याण संघ के महामंत्री प्रकाश अग्रवाल के मुताबिक, बीते एक महीने में दाल और चावल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आया है। शक्कर पर सरकार की सख्ती के बाद उसके दाम में राहत मिली है, लेकिन अनाज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
डूमतराई थोक व्यापारी कल्याण संघ के महामंत्री गोविंद माहेश्वरी ने बताया कि चावल के भाव में अचानक तेजी आई है। कुछ वैरायटी के दाम एक महीने में 60 रुपए से बढ़कर 90 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। दालों के भाव में भी तेजी है और चावल की कीमतों में इस तरह की अचानक बढ़ोतरी की वजह स्पष्ट नहीं है।
राशन कार्डधारियों को राहत, दो महीने का चावल एक साथ मिलेगा
बढ़ती महंगाई के बीच राज्य सरकार ने राशन कार्डधारियों को राहत दी है। खाद्य विभाग ने सितंबर और अक्टूबर महीने का राशन एक साथ उठाने की सुविधा दी है। इसके लिए 1 अक्टूबर से पोर्टल खोल दिया गया है। जिन हितग्राहियों ने सितंबर में चावल नहीं लिया है, वे 15 अक्टूबर तक राशन दुकान से सितंबर और अक्टूबर का चावल एक साथ प्राप्त कर सकेंगे।
अनाज और दालों के चिल्हर भाव
| खाद्य सामग्री | एक महीने पहले | वर्तमान दर |
|---|---|---|
| श्रीराम चावल | ₹65-70 | ₹75-85 |
| काली मूंछ चावल | ₹60-65 | ₹65-75 |
| एचएमटी चावल | ₹50-60 | ₹60-70 |
| जवाफूल चावल | ₹150-190 | ₹160-200 |
| राहर दाल | ₹110-130 | ₹110-140 |
| चना दाल | ₹72-80 | ₹80-90 |
| उड़द दाल (धुली) | ₹100-112 | ₹110-125 |
| मूंग दाल (धुली) | ₹100-115 | ₹110-125 |
| गेहूं | ₹54-55 | ₹61-62 |
त्योहारों के पहले खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। शक्कर की कीमतों में सरकारी सख्ती के बाद राहत जरूर मिली है, लेकिन दाल, चावल और गेहूं के बढ़ते भाव ने रसोई के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।



