रायपुर में बाढ़ का कहर: 600 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, एनीकट में फंसे 71 मजदूर भी सुरक्षित निकाले गए

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद रायपुर जिले में नदी-नाले उफान पर हैं। खारून, महानदी और शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों के 17 से अधिक गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई घरों और खेतों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने दिनभर राहत और बचाव अभियान चलाया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 16 से अधिक गांवों से 600 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि महानदी पर निर्माणाधीन एनीकट में फंसे 71 मजदूरों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
खारून नदी का जलस्तर बढ़ा, पुल पर चढ़ा पानी
शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद शनिवार सुबह तक स्थिति सामान्य थी। खारून नदी का पानी रायपुर-अमलेश्वर पुल के नीचे से बह रहा था। लेकिन सुबह करीब 5 बजे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और पानी पुल के ऊपर करीब 3 फीट तक पहुंच गया।
सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने पुल के दोनों ओर बैरिकेड्स लगाकर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। वहीं शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से धरसींवा ब्लॉक के कई गांवों में पानी भर गया।
एनीकट में फंसे 71 मजदूर, पिलरों पर चढ़कर बचाई जान
बाढ़ के बीच गोबरा-नवापारा के ग्राम टीला में बड़ा हादसा टल गया। यहां महानदी पर निर्माणाधीन एनीकट में काम कर रहे 71 मजदूर अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव में फंस गए।
जान बचाने के लिए मजदूर एनीकट के पिलरों पर चढ़ गए। सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी 71 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला।
600 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
दिनभर चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 16 से अधिक गांवों से 600 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रभावित लोगों के लिए स्कूलों, पंचायत भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं।
इन राहत शिविरों में 3 हजार से अधिक लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। अभनपुर के पारागांव में करीब 250 लोगों को पंचायत भवन में ठहराया गया है। वहीं निसदा गांव में करीब 100 परिवारों के लगभग 300 लोग प्रभावित हुए हैं।
धरसींवा से 123 लोगों को सुरक्षित निकाला
धरसींवा क्षेत्र में भी जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यहां से 123 लोगों का रेस्क्यू किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवानों के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।
प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।



