भिलाई में फाइनेंस के नाम पर 16 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, कई लोगों के नाम पर कराए बाइक-स्कूटी और लैपटॉप

भिलाई में फाइनेंस की किस्तें खुद जमा करने का भरोसा देकर कई लोगों के नाम पर लाखों रुपए के लैपटॉप, बाइक और स्कूटी फाइनेंस कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सामान और वाहन हासिल करने के बाद आरोपी ने फाइनेंस की किस्तें जमा करना बंद कर दिया। इससे जिन लोगों के नाम पर फाइनेंस कराया गया था, उनके ऊपर भुगतान की जिम्मेदारी आ गई।

शिकायतकर्ता के मुताबिक अलग-अलग लोगों के नाम पर करीब 16 लाख रुपए के लैपटॉप और वाहनों का फाइनेंस कराया गया। मामले में सुपेला पुलिस ने जसप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस शिकायत में सामने आए भोजराज राय उर्फ भोजू की भूमिका की भी जांच कर रही है।

लैपटॉप के लिए मांगी मदद, दो किस्त के बाद भुगतान बंद

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता मनीष डहरवाल वेल्डिंग और फैब्रिकेशन का काम करता है। करीब तीन-चार महीने पहले उसकी पहचान भोजराज राय के माध्यम से जसप्रीत सिंह से हुई थी।

शिकायत के मुताबिक जसप्रीत ने अपना काम शुरू करने के लिए लैपटॉप की जरूरत बताई और मनीष से उसके नाम पर लैपटॉप फाइनेंस कराने का आग्रह किया। उसने भरोसा दिलाया कि लैपटॉप की मासिक किस्तें वह खुद जमा करेगा और इसके बदले मनीष को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

आरोप है कि भरोसे में आकर मनीष ने अपने नाम पर लैपटॉप फाइनेंस कराया और उसे जसप्रीत को दे दिया। शुरुआत में आरोपी ने दो किस्तें जमा कीं, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद कर दिया।

कई लोगों के नाम पर बाइक और स्कूटी फाइनेंस

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी तरह अन्य लोगों को भी भरोसे में लेकर उनके नाम पर वाहन फाइनेंस कराए गए। कविता ठाकुर के नाम पर एक स्कूटी फाइनेंस कराई गई, जिसकी एक किस्त जमा करने के बाद भुगतान बंद हो गया।

इसी तरह तरुण दास बंजारे के नाम पर बाइक फाइनेंस कराई गई। शिकायत के मुताबिक उसकी तीन किस्तें जमा करने के बाद आगे भुगतान नहीं किया गया। इससे फाइनेंस की देनदारी संबंधित व्यक्ति के नाम पर बनी रही।

एक व्यक्ति के नाम पर बाइक और दो स्कूटी

पुलिस को दी गई शिकायत में पीयूष धुर्वे ने बताया कि उसके नाम पर एक बाइक और दो स्कूटी फाइनेंस कराकर जसप्रीत को दी गईं। वहीं संगीत कुमार के नाम पर भी एक बाइक और दो स्कूटी फाइनेंस कराने का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वाहन और लैपटॉप लेने के बाद आरोपी ने किस्तें जमा करना बंद कर दिया। जब उनसे बकाया किस्तें जमा करने या सामान-वाहन वापस करने के लिए कहा गया तो कथित तौर पर टालमटोल की गई।

किस्तों का भुगतान नहीं होने से बढ़ी परेशानी

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक उन्होंने कई बार जसप्रीत से संपर्क कर बकाया राशि जमा करने या सामान-वाहन वापस करने की मांग की। हालांकि, उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

फाइनेंस की किस्तें जमा नहीं होने के कारण कंपनियों की देनदारी उन लोगों के नाम पर बनी रही, जिनके दस्तावेजों का इस्तेमाल फाइनेंस कराने में किया गया था। इसके बाद प्रभावित लोगों ने पुलिस से शिकायत की।

सुपेला पुलिस ने दर्ज किया केस

सुपेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर जसप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस फाइनेंस कराए गए लैपटॉप और वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों के नाम पर फाइनेंस कराया गया और कुल कितनी राशि की देनदारी बनी है। शिकायत में भोजराज राय उर्फ भोजू की भूमिका का भी उल्लेख है, इसलिए पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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