जेलेंस्की की दोटूक: यूक्रेन की जमीन का एक इंच भी नहीं देंगे, रूस पर प्रतिबंध हटाने का विरोध

Ukraine-Russia War: रूस के साथ संभावित शांति वार्ता से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन किसी भी तरह के क्षेत्रीय अदला-बदली के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही, उन्होंने त्रिपक्षीय बातचीत से पहले रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने का भी विरोध किया है।

प्रतिबंध हटाने को बताया बड़ी गलती

जेलेंस्की ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत से पहले प्रतिबंध हटाना बड़ी गलती होगी। उनके मुताबिक, प्रतिबंध रूस की आक्रामकता के जवाब में लगाए गए हैं और इन्हें हटाने से यूक्रेन की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि यूक्रेन के पास इस्तेमाल करने के लिए बहुत कम विकल्प बचे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि प्रतिबंध हटने के बाद यूक्रेन के पास बातचीत में दबाव बनाने के साधन और कम हो जाएंगे।

क्षेत्रीय अदला-बदली से साफ इनकार

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि देश अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सीमाओं, संप्रभुता और सैन्य क्षमता से जुड़े फैसले रूस नहीं कर सकता। क्षेत्रीय मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता यूक्रेनी जनता पर दबाव डालकर नहीं थोपा जा सकता।

जेलेंस्की के अनुसार, तकनीकी स्तर पर बातचीत की रूपरेखा नवंबर तक तैयार की जा सकती है, लेकिन सीमाओं जैसे संवेदनशील मुद्दों पर फैसला शीर्ष नेताओं की बैठक में ही होगा।

पैट्रियट मिसाइलों की आपूर्ति में देरी पर नाराजगी

जेलेंस्की ने अमेरिकी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम की कमी और पैट्रियट मिसाइलों की धीमी आपूर्ति यूक्रेन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पैट्रियट मिसाइलों की आपूर्ति रूसी मिसाइलों की गति से भी धीमी है।

उन्होंने बताया कि स्टारलिंक सेवाओं और खुफिया जानकारी साझा करने से जुड़े कुछ मुद्दों का समाधान हो चुका है, लेकिन वायु रक्षा प्रणालियों की कमी अब भी चिंता का विषय है।

नवंबर की वार्ता से ठोस नतीजों की उम्मीद

जेलेंस्की ने नवंबर में प्रस्तावित त्रिपक्षीय बातचीत को लेकर कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। यूक्रेन चाहता है कि बातचीत से युद्ध समाप्त करने की दिशा में ठोस प्रगति हो।

उन्होंने कहा कि यदि तत्काल पूर्ण युद्धविराम संभव नहीं है, तो कम से कम ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने, काला सागर में अनाज परिवहन गलियारे की सुरक्षा सुनिश्चित करने और युद्धबंदियों की अदला-बदली जैसे कदम उठाए जाने चाहिए।

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