मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग से जारी की राशि, जिले को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तीकरण और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में योजना की 32वीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की गई। इसके साथ ही योजना के अंतर्गत अब तक वितरित कुल सहायता राशि 20,708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी को मजबूत कर रही है।
महिलाओं को हर महीने मिल रही ₹1,000 की आर्थिक सहायता
महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में प्रभावी है। इसके अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। सितंबर 2026 तक योजना की 31 किस्तों के माध्यम से 20,075 करोड़ 76 लाख रुपये वितरित किए जा चुके थे।
अब 32वीं किस्त के रूप में 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, घरेलू आवश्यकताओं और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर रही हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की व्यवस्था से राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रही है और महिलाओं को अपने आर्थिक संसाधनों पर सीधा अधिकार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। राज्य सरकार भी महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
दुर्ग जिले की 3.89 लाख महिलाओं को मिले ₹37.19 करोड़
महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त के तहत दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये अंतरित किए गए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उनकी घरेलू आर्थिक व्यवस्था में भागीदारी बढ़ रही है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, समान अवसर और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
दुर्ग को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले में कुल 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया गया, जबकि 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये की लागत के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, शैक्षणिक संस्थानों का उन्नयन, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा, कौशल विकास और विद्युत अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।
सड़क संपर्क और आवागमन होगा बेहतर
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत दुर्ग जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य किए जाएंगे।
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच मार्ग, राज्य मार्ग क्रमांक-22 के लगभग पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए 30.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया राज्य मार्ग क्रमांक-21 के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 24.06 करोड़ रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक 3.60 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 4.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पाटन विधानसभा क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 15.03 करोड़ रुपये, भिलाई से तर्रा मुख्य जिला मार्ग के 15 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 8.33 करोड़ रुपये तथा पौहा से खपरी तक 2.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मुख्य मार्ग के 2.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण के लिए 7.06 करोड़ रुपये का कार्य भी प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने और आवागमन सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
युवाओं के कौशल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। इस परियोजना पर 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल अर्जित करने की सुविधाएं मिलेंगी।
शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में 8.86 करोड़ रुपये की लागत से कार्यालय भवन के नवीनीकरण, सीसी रोड निर्माण, दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन और सिविल विंग के विस्तार सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे।
वहीं, दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को मिलेगा लाभ
जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण और जलाशयों की क्षमता बेहतर बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।
पाटन विधानसभा क्षेत्र में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार तथा नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग के लिए 2.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अहिवारा क्षेत्र में मोहंदी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए 4.96 करोड़ रुपये, कपसदा जलाशय के लिए 4.57 करोड़ रुपये और नंदौरी जलाशय के लिए 4.77 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे।
दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णोद्धार पर प्रत्येक के लिए 4.71 करोड़ रुपये तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर 4.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल पहुंचाने के लिए कोटनी माइनर चैनल का निर्माण 4.93 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। शिवनाथ मंडल कार्यालय दुर्ग के जीर्णोद्धार एवं नवीन निर्माण के लिए भी 4.96 करोड़ रुपये के कार्य की आधारशिला रखी गई।
इन परियोजनाओं से जल प्रबंधन में सुधार, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार
दुर्ग शहर में चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 16.16 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास बनाया जाएगा।
इसके साथ ही जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये की लागत के कार्य का भूमिपूजन किया गया। इन परियोजनाओं से चिकित्सा एवं नर्सिंग के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलेगी।
पाटन क्षेत्र में मजबूत होगी विद्युत व्यवस्था
पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति और ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
इनमें 25.83 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) का निर्माण, 14 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण तथा 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण शामिल है।
इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र की विद्युत ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी और बिजली आपूर्ति को अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।
जनकल्याण और अधोसंरचना विकास सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के समन्वय पर आधारित है। एक ओर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने के माध्यम से सरकार विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के जीवन में खुशहाली, आत्मविश्वास और आर्थिक सामर्थ्य बढ़ाना सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। सशक्त महिलाएं ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं।



