शबरिमला विवाद: केंद्र ने 2018 के फैसले पर उठाए सवाल, कहा—‘पुरुष श्रेष्ठता’ की धारणा पर आधारित था निर्णय

 

नई दिल्ली, 9 अप्रैल: केंद्र सरकार ने केरल स्थित शबरिमला मंदिर में एक विशेष आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी का समर्थन करते हुए उच्चतम न्यायालय के वर्ष 2018 के फैसले पर सवाल उठाए हैं। केंद्र ने गुरुवार को अदालत में दलील दी कि यह फैसला इस धारणा पर आधारित प्रतीत होता है कि पुरुष श्रेष्ठ हैं और महिलाओं की स्थिति उनसे नीचे है।

यह तर्क नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जो शबरिमला मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश से जुड़े मामलों पर सुनवाई कर रही है। यह पीठ धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे और उसकी सीमाओं पर भी विचार कर रही है, खासकर उन प्रथाओं के संदर्भ में जिनमें महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप लगाया जाता रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत यह भी तय करेगी कि विभिन्न धर्मों की परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। यह विवाद लंबे समय से धार्मिक आस्था और लैंगिक समानता के बीच टकराव का प्रतीक बना हुआ है।

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