राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 की घोषणा : स्वच्छ एवं हरित पंचायत के लिए सरदिह (बागिचा, जशपुर) को मिलेगा पुरस्कार

पुरस्कार वितरण समारोह 3 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 (एनपीए-2025) के विजेताओं की घोषणा कर दी है, जिसमें पूरे देश से कुल 42 पंचायतों का चयन किया गया है। पुरस्कार वितरण समारोह 3 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

ये पुरस्कार दो अलग-अलग श्रेणियों के अंतर्गत दिए जाते हैं। दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार (डीडीयूपीएसवीपी) सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) के 9 स्थानीयकरण विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को मान्यता देता है, जिनमें शामिल हैं: गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका, स्वस्थ पंचायत, बाल-हितैषी पंचायत, जल-पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ और हरित पंचायत, आत्मनिर्भर अवसंरचना, सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण और सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत, सुशासन वाली पंचायत और महिला-हितैषी पंचायत। प्रत्येक विषय के अंतर्गत प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली पंचायतों को पुरस्कार दिए जाते हैं। एनपीए-2025 के अंतर्गत, 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैली 34 ग्राम पंचायतों को डीडीयूपीएसवीपी के तहत चुना गया है, जिनमें संयुक्त विजेता भी शामिल हैं। इन विषयगत पुरस्कारों को पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) 2.0 के अंकों से जोड़ा गया है। नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार (एनडीएसपीएसपीवीपी) जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रदान किया जाता है। एनपीए-2025 के तहत, 8 पंचायतों को विजेता के रूप में चुना गया है, जिनमें से 3 को सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत, 2 को सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत और 3 को सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में शामिल किया गया है।

विजेता पंचायतों को श्रेणी और स्तर के आधार पर प्रति पुरस्कार 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त होता है। ये पुरस्कार पंचायत प्रोत्साहन योजना (आईओपी) के तहत दिए जाते हैं, जो राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केंद्र प्रायोजित योजना का एक महत्वपूर्ण घटक है। अप्रैल 2025 में, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2025 के अवसर पर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पंचायतों/संस्थानों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया था, जो निम्नलिखित विशेष श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं: (i) जलवायु कार्रवाई विशेष पंचायत पुरस्कार (सीएएसपीए), (ii) आत्मनिर्भर पंचायत विशेष पुरस्कार (एएनपीएसए) और (iii) पंचायत क्षमता निर्माण सर्वोत्तम संस्थान पुरस्कार (पीकेएनएसएसपी)।

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025

दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार-2025
क्र. सं. पुरस्कार का विषय/श्रेणी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश रैंक पुरस्कार प्राप्तकर्ता ग्राम पंचायत (ब्लॉक, जिला) का नाम पुरस्कार राशि ( करोड़)
1 गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका पंचायत कर्नाटक 1 मुद्रदी (हेब्री, उडुपी) 1.00
2 गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका पंचायत आंध्र प्रदेश 2 चेम्मुल्लापल्ली (खाजीपेट, वाईएसआर) 0.75
3 गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका पंचायत सिक्किम 3 ग्यालशिंग ओमचुंग (ग्यालशिंग) 0.50
4 स्वस्थ पंचायत त्रिपुरा 1 कंचनबाड़ी (कुमारघाट, उनाकोटि) 1.00
5 स्वस्थ पंचायत कर्नाटक 2 वंदसे (कुंडापुरा, उडुपी) 0.75
6 स्वस्थ पंचायत केरल 3 निरनम (पुलिकेझु, पथानामथिट्टा) 0.25
7 स्वस्थ पंचायत ओडिशा 3 पोटलमपुर (छत्रपुर, गंजम) 0.25
8 बाल-हितैषी पंचायत महाराष्ट्र 1 ईटगांव (पु) (भंडारा, भंडारा) 1.00
9 बाल-हितैषी पंचायत कर्नाटक 2 हलनायकनहल्ली (बेंगलुरु पूर्व, बेंगलुरु शहरी) 0.75
10 बाल-हितैषी पंचायत केरल 3 ओटूर (वर्कला, तिरुवनंतपुरम) 0.50
11 जल-पर्याप्त पंचायत महाराष्ट्र 1 खारीवाली (खलापुर, रायगढ़) 1.00
12 जल-पर्याप्त पंचायत कर्नाटक 2 मदमक्की (हेब्री, उडुपी) 0.75
13 जल-पर्याप्त पंचायत ओडिशा 3 पडुआ (चंपुआ, केन्दुझार) 0.50
14 स्वच्छ एवं हरित पंचायत मिजोरम 1 कावर्था नॉर्थ 1.00
15 स्वच्छ एवं हरित पंचायत असम 2 जुमरमुर (कठियाटोली, नागांव) 0.375
16 स्वच्छ एवं हरित पंचायत ओडिशा 2 हाथीबंधा (लाठीकटा, सुंदरगढ़) 0.375
17 स्वच्छ एवं हरित पंचायत छत्तीसगढ 3 सरदिह (बागिचा, जशपुर) 0.25
18 स्वच्छ एवं हरित पंचायत हिमाचल प्रदेश 3 लोहारदी (बल्ह, मंडी) 0.25
19 पंचायत में आत्मनिर्भर अवसंरचना केरल 1 मेलुकावु (एराट्टुपेट्टा, कोट्टायम) 1.00
20 पंचायत में आत्मनिर्भर अवसंरचना असम 2 हुग्रीजन (तेंगाखाट, डिब्रूगढ़) 0.75
21 पंचायत में आत्मनिर्भर अवसंरचना आंध्र प्रदेश 3 गुंडामाला (कोठा पटनम, प्रकाशम) 0.25
22 पंचायत में आत्मनिर्भर अवसंरचना कर्नाटक 3 सानूर (करकल, उडुपी) 0.25
23 सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण और सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत हिमाचल प्रदेश 1 शांशा (लाहौल, लाहौल और स्पीति) 1.00
24 सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण और सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत महाराष्ट्र 2 चम्भरली (खलापुर, रायगढ़) 0.375
25 सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण और सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत ओडिशा 2 मंदार (पोलोसारा, गंजाम) 0.375
26 सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण और सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत जम्मू और कश्मीर 3 वागूरा (बीके पोरा, बुडगाम) 0.25
27 सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण और सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत कर्नाटक 3 हकलाडी (कुंडापुरा, उडुपी) 0.25
28 सुशासन वाली पंचायत आंध्र प्रदेश 1 श्रृंगवरम (नाथावरम, विशाखापत्तनम) 1.00
29 सुशासन वाली पंचायत महाराष्ट्र 2 निंबाले (चांदवड, नासिक) 0.75
30 सुशासन वाली पंचायत तेलंगाना 3 मोथुकुपल्ले (कोटेपल्ली, विकाराबाद) 0.50
31 महिला-हितैषी पंचायत आंध्र प्रदेश 1 बोक्कासम पालेम (श्रीकलाहस्ती, तिरूपति) 1.00
32 महिला-हितैषी पंचायत झारखंड 2 झिकरहाटी पूर्वी (पाकुड़, पाकुड़) 0.75
33 महिला-हितैषी पंचायत तेलंगाना 3 फसलवाड़ी (सांगारेड्डी, संगारेड्डी) 0.25
34 महिला-हितैषी पंचायत त्रिपुरा 3 बैकुंठपुर (हेज़ामारा, पश्चिम त्रिपुरा) 0.25
नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार-2025
क्रसं. पुरस्कार का विषय/श्रेणी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश रैंक पुरस्कार विजेता पंचायत का नाम पुरस्कार राशि ( करोड़)
35 सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत त्रिपुरा 1 सेपाहिजाला 5.00
36 सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत ओडिशा 2 गंजम 3.00
37 सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत तमिलनाडु 3 कोयंबटूर 2.00
38 सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत केरल 1 हरिप्पाड (अलाप्पुझा) 2.00
39 सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत आंध्र प्रदेश 3 कुप्पम (चित्तूर) 1.50
40 सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत असम 1 न्यू नापम (गभोरू, सोनितपुर) 1.50
41 सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत बिहार 2 टेलकप (रोहतास, रोहतास) 1.25
42 सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत उत्तर प्रदेश 3 बिरहारू (सैयान, आगरा) 1.00

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों के बारे में

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को मान्यता देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए, पंचायती राज मंत्रालय प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्रदान करता है, जो ग्रामीण भारत में समावेशी, सहभागी और सतत विकास को बढ़ावा देता है। संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के पंचायत प्रोत्साहन घटक के तहत संस्थागत रूप से स्थापित ये पुरस्कार पंचायतों को स्थानीय शासन, सेवा वितरण में सुधार करने और सामुदायिक नेतृत्व वाली पहलों के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। 2023 में, पुरस्कार ढांचे को संशोधित किया गया और इसे सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (एलएसडीजी) के नौ विषयों के साथ संरेखित किया गया, जिससे मूल्यांकन अधिक समग्र, पारदर्शी और डेटा-आधारित हो गया, और विकसित भारत@2047 की दिशा में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को प्रभावी जमीनी कार्रवाई में बदलने में पंचायतों की भूमिका को और मजबूत किया गया।

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