NEET पेपर लीक: जंतर-मंतर आंदोलन में घायल छात्रों ने CJP पर उठाए सवाल, बोले- संगठन ने नहीं ली सुध

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में घायल कुछ युवकों ने अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घायल प्रदर्शनकारियों का दावा है कि आंदोलन के दौरान बुरी तरह घायल होने के बाद भी संगठन की ओर से उनकी कोई सुध नहीं ली गई। उनका आरोप है कि आंदोलन समाप्त होने के बाद भी न तो उन्हें फोन किया गया और न ही मैसेज कर तबीयत की जानकारी ली गई।
NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी के बीच CJP की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया गया था। बताया गया कि यह आंदोलन करीब 36 दिनों तक चला।
संसद मार्च के दौरान हुआ था टकराव
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी घायल हुए। अब इन्हीं घायल युवकों ने आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संगठन पर ही सवाल खड़े किए हैं।
घायल प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गंभीर चोट लगने के बावजूद न तो अभिजीत दीपके और न ही CJP के किसी पदाधिकारी ने उनसे संपर्क किया। छात्रों के मुताबिक, आंदोलन खत्म होने के बाद भी संगठन की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति जानने या मदद करने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी प्रमुख मांग
NEET पेपर लीक के विरोध में आयोजित इस आंदोलन में प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। आंदोलन के दौरान छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई थी।
अब आंदोलन में घायल युवकों के आरोपों ने CJP की भूमिका और प्रदर्शन के बाद अपने कार्यकर्ताओं एवं प्रदर्शनकारियों के प्रति संगठन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अभिजीत दीपके या CJP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।



