ईरान मुद्दे के बीच कनाडा को ट्रंप की बड़ी राहत, 50% टैरिफ पर 3 दिन की रोक; जानें पूरा मामला

US-Canada Tariff News: अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को फिलहाल बड़ी राहत दी है। ट्रंप प्रशासन ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर प्रस्तावित 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ को तीन दिनों के लिए टाल दिया है। यह टैरिफ 19 अगस्त से लागू होने वाला था।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और कनाडा के बीच अंतिम समय में बातचीत के बाद एक प्रारंभिक समझौता हुआ है। हालांकि, यह राहत स्थायी नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए आगे भी बातचीत जारी रहेगी।
क्यों टाला गया 50% टैरिफ?
अमेरिका ने कनाडा के कुछ उत्पादों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की तैयारी की थी। प्रस्तावित टैरिफ में ऑटोमोबाइल से जुड़े सामान, शराब, डेयरी उत्पाद और अन्य वस्तुएं शामिल थीं। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी उत्पादों के साथ भेदभाव करती हैं।
इन शुल्कों से करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई आयात प्रभावित होने का अनुमान था। टैरिफ लागू होने से कनाडाई निर्यातकों की लागत बढ़ती और अमेरिकी बाजार में इन सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता था।
कनाडा के कारोबार और नौकरियों पर पड़ सकता था असर
यदि 50 प्रतिशत टैरिफ लागू हो जाता तो अमेरिका को सामान निर्यात करने वाली कनाडाई कंपनियों पर अतिरिक्त लागत का दबाव बढ़ता। इसका असर डेयरी, शराब, ऑटो सेक्टर और कई अन्य उद्योगों पर पड़ सकता था।
दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में नए टैरिफ से सप्लाई चेन प्रभावित होने, उत्पाद महंगे होने और कुछ कारोबारों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी।
ट्रंप और मार्क कार्नी के बीच हुई बातचीत
टैरिफ की समयसीमा नजदीक आने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बातचीत हुई। इसके बाद ट्रंप ने टैरिफ को तीन दिनों के लिए टालने की घोषणा की।
कनाडा की ओर से भी बातचीत में प्रगति की पुष्टि की गई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।
क्या कनाडा को ईरान के समर्थन का फायदा मिला?
आपके दिए इनपुट में कनाडा के ईरान के खिलाफ अमेरिकी रुख के समर्थन और टैरिफ रोकने के बीच सीधा संबंध बताया गया है, लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में टैरिफ स्थगित करने का मुख्य कारण व्यापार वार्ता और प्रारंभिक समझौता बताया गया है। इसलिए इसे सीधे तौर पर “ईरान के खिलाफ बोलने का इनाम” कहना तथ्य के रूप में स्थापित नहीं है।
ईरान ने कनाडा पर साधा था निशाना
ईरान की ओर से कनाडा के अमेरिकी रुख का समर्थन करने को लेकर नाराजगी जताई गई थी। ईरानी अधिकारियों ने कनाडा पर अमेरिका के साथ करीबी तालमेल का आरोप लगाया था।
आपके इनपुट में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई की ओर से कनाडा को अमेरिका की ‘फार्म टीम’ बताए जाने का भी उल्लेख है। यह टिप्पणी कनाडा की अमेरिकी नीतियों के साथ कथित निकटता पर तंज के तौर पर की गई थी।
टैरिफ का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 50 प्रतिशत टैरिफ स्थायी रूप से रद्द नहीं हुआ है। फिलहाल इसे तीन दिनों के लिए टाला गया है ताकि दोनों देश व्यापार समझौते पर आगे बातचीत कर सकें। यदि अंतिम सहमति नहीं बनती है तो टैरिफ दोबारा लागू होने का खतरा बना रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर अब दुनिया की नजर है, क्योंकि अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव का असर दोनों देशों की कंपनियों, उपभोक्ताओं और सीमा पार सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।



