छत्तीसगढ़ में व्यापारियों को बड़ी राहत: दुकान-पंजीयन अब सिर्फ 24 घंटे में, श्रम विभाग ने बदले नियम


रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने दुकानों और प्रतिष्ठानों के पंजीयन की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान का श्रम पहचान संख्या (Labour Identification Number) आधारित पंजीयन प्रमाण-पत्र ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के मात्र 24 घंटे के भीतर जारी कर दिया जाएगा।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
श्रम विभाग द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार नियोक्ताओं को निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और ई-चालान के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। पूरी प्रक्रिया स्व-घोषणा (Self Declaration) आधारित होगी तथा प्रमाण-पत्र सिस्टम द्वारा स्वतः जनरेट किया जाएगा। इसके लिए किसी प्रकार के भौतिक हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होगी।
डिजिटलीकरण से बढ़ेगी पारदर्शिता
नई व्यवस्था के तहत जारी सभी श्रम पहचान संख्या प्रमाण-पत्र कानूनी रूप से पूर्णतः वैध होंगे। साथ ही श्रम विभाग के पोर्टल पर दुकानों और प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन रजिस्टर भी संचालित किया जाएगा। इससे रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, निगरानी और सत्यापन पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी हो सकेगा।
गलत जानकारी देने पर नियोक्ता होंगे जिम्मेदार
विभाग की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि आवेदन में दी गई कोई भी जानकारी, तथ्य या दस्तावेज गलत अथवा भ्रामक पाए जाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित नियोक्ता की होगी। इसके अलावा सभी दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को अपने परिसर में नाम-पट्ट के साथ पंजीयन प्रमाण-पत्र को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
100 रुपये में होगा संशोधन
यदि किसी नियोक्ता को पंजीयन प्रमाण-पत्र में नाम, पता, कर्मचारियों की संख्या या व्यवसाय की प्रकृति जैसी जानकारी में बदलाव कराना है, तो वह केवल 100 रुपये का संशोधन शुल्क जमा कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। ऐसे मामलों में भी संशोधित प्रमाण-पत्र 24 घंटे के भीतर जारी कर दिया जाएगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि श्रम विभाग की यह पहल राज्य में कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया को आसान बनाएगी। इससे व्यापारियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, कागजी कार्रवाई कम होगी और समय की बचत होगी। सरकार का यह कदम राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्यापारियों को मिलेगा सीधा लाभ
नई व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानों और प्रतिष्ठानों के पंजीयन की प्रक्रिया तेज, सरल और पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। अब व्यापारियों को पंजीयन प्रमाण-पत्र के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आवेदन के 24 घंटे के भीतर प्रमाण-पत्र उपलब्ध हो जाएगा। इससे राज्य में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।


