छत्तीसगढ़ में बड़ा औद्योगिक हादसा: वेदांता प्लांट विस्फोट में 20 मौतें, सुरक्षा पर उठे सवाल

सक्ती | जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 अन्य घायल अस्पताल में भर्ती हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। करीब 2000 मजदूर डर के कारण मौके से भाग गए और फिलहाल केवल लगभग 50 कर्मचारी ही प्लांट परिसर में मौजूद हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

ओवरलोडिंग और तकनीकी खामी बनी वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 600 मेगावाट क्षमता वाले प्लांट को करीब 650 मेगावाट तक चलाया जा रहा था। औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच टीम, जिसमें बॉयलर इंस्पेक्टर उज्ज्वल गुप्ता शामिल हैं, ने करीब 6 घंटे की जांच के बाद संकेत दिए कि अचानक उत्पादन बढ़ाने के लिए लोड बढ़ाया गया।

इस दौरान बढ़े दबाव और पाइपलाइन में पहले से मौजूद लीकेज ने मिलकर बड़ा विस्फोट पैदा कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते तकनीकी खामियों को ठीक किया जाता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।

लापरवाही पर उठे सवाल

मजदूरों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। नियमित मेंटेनेंस और निरीक्षण में कमी के चलते यह हादसा हुआ। घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच तेज कर दी है।

आगे की कार्रवाई

राज्य प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है।

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