भिलाई स्टील प्लांट से 3.22 करोड़ का लोहा चोरी, पुलिस ने पकड़ा संगठित गिरोह

दुर्ग जिले में भिलाई स्टील प्लांट से करोड़ों रुपये के लौह स्क्रैप चोरी के मामले में पुरानी भिलाई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान ग्राम अकलोरडीह स्थित एक गोदाम से करीब 250 टन संदिग्ध लोहा और चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे भारी वाहन जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये बताई जा रही है।

SSP के निर्देश पर हुई कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए विजय अग्रवाल के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस को 26 मई को सूचना मिली थी कि ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स, एचआईए हथखोज परिसर में संदिग्ध स्क्रैप रखा गया है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से लोहे की प्लेट, बीम कटिंग, दो ट्रक, जेसीबी, हाइड्रा सहित कई मशीनें जब्त कीं। जांच में पाया गया कि हाईवा वाहनों में ऊपर फ्लाई ऐश डाली जाती थी, जबकि नीचे भारी मात्रा में लोहा छिपाकर रखा जाता था।

दस्तावेज नहीं दिखा सके आरोपी

पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से स्क्रैप से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी

  • मीथेन ठाकुर – निवासी सिकोला बस्ती, मोहन नगर, दुर्ग
  • चिंतानंद साहू (40 वर्ष) – निवासी बाबा दीप सिंह नगर, वैशाली नगर
  • गीतेश वर्मा (36 वर्ष) – निवासी टाटा लाइन, कोहका
  • निर्मल सिंह (52 वर्ष) – निवासी EWS-697, वैशाली नगर

वहीं ट्रांसपोर्टर संजय सिंह और गोदाम संचालक मोहम्मद सलीम फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

BSP कर्मचारियों और CISF जवानों पर भी शक

प्रारंभिक जांच में पुलिस को बीएसपी कर्मचारियों, CISF जवानों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत की आशंका है। कबाड़ी कारोबार से जुड़े लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

घटना के बाद भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है। समिति चोरी के नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच करेगी।

SMS-3 यूनिट से चोरी की आशंका

पुलिस को आशंका है कि बरामद किया गया लोहा BSP की SMS-3 यूनिट से चोरी कर गोदाम में जमा किया गया था। मामले में अन्य आरोपियों की पतासाजी और नेटवर्क की जांच जारी है।

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