महतारी वंदन योजना में E-KYC अनिवार्य, 30 जून तक पूरा करें सत्यापन; शुल्क वसूली पर प्रशासन सख्त

Mahtari Vandan Yojana के तहत महिलाओं के ई-केवाईसी अभियान को तेज कर दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने साफ किया है कि योजना अंतर्गत ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और इसके नाम पर किसी भी प्रकार की राशि लेना नियम विरुद्ध माना जाएगा। प्रशासन ने अनियमितता बरतने वालों पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

महिलाओं को हर महीने मिल रही आर्थिक सहायता

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना की शुरुआत 10 मार्च 2024 को की गई थी। योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की लाखों महिलाओं को राहत मिली है।

85 प्रतिशत हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 85 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा किया जा चुका है। कुल 65.30 लाख लाभार्थियों में से करीब 55.99 लाख महिलाओं का सत्यापन हो चुका है।

विभाग ने बताया कि कई मामलों में सरकारी नौकरी लगने, दो-दो आवेदन किए जाने या अपात्र पाए जाने के कारण लाभ रोका गया है। मृत हितग्राहियों और गलत तरीके से लाभ लेने वालों के नाम भी सूची से हटाए जा रहे हैं। गलत तरीके से राशि लेने वालों से रिकवरी की प्रक्रिया भी जारी है।

रायपुर समेत कई जिलों में तेज हुआ सत्यापन

Raipur जिले में 4.27 लाख से अधिक महिलाएं योजना से जुड़ी हुई हैं। वहीं ई-केवाईसी के मामले में Balod जिला सबसे आगे है, जहां 93.22 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है। इसके अलावा कबीरधाम, बलौदाबाजार, कोरबा और रायगढ़ जिले भी शीर्ष जिलों में शामिल हैं।

दूसरी ओर बस्तर संभाग के जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। Bijapur, Sukma, Narayanpur, Dantewada और कोंडागांव जैसे जिलों में ई-केवाईसी का प्रतिशत कम है। अधिकारियों के मुताबिक इंटरनेट कनेक्टिविटी, तकनीकी समस्याएं और जागरूकता की कमी इसकी बड़ी वजह हैं।

ई-केवाईसी के नाम पर वसूली करने वालों पर कार्रवाई

Mahasamund जिले में ई-केवाईसी के एवज में महिलाओं से पैसे मांगने की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने 4 सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक कर दी है। कलेक्टर Vinay Kumar Langeh के निर्देश पर जांच कर कार्रवाई की गई।

प्रशासन ने कहा है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है और किसी भी प्रकार की वसूली पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

30 जून तक कराएं ई-केवाईसी

विभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना का दूसरा चरण अप्रैल से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगा। इसके बाद हितग्राहियों को बाल विकास परियोजना कार्यालयों में जाकर सत्यापन कराना होगा। यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक जारी रहेगी।

ऐसे चेक करें भुगतान की स्थिति

लाभार्थी योजना की किस्त और आवेदन की स्थिति ऑनलाइन भी देख सकते हैं।

  • सबसे पहले महतारी वंदन योजना पोर्टल पर जाएं।
  • ‘आवेदन एवं भुगतान स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • इसके बाद भुगतान और आवेदन की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।

इसके अलावा महिलाएं मोबाइल ऐप के जरिए भी अपनी किस्त की जानकारी देख सकती हैं।

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