लोकसभा में ‘वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों’ पर चर्चा, सरकार देगी जवाब


नई दिल्ली, 30 मार्च | संसद का सोमवार का दिन दोनों सदनों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद, ‘देश को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त करने के प्रयासों’ पर चर्चा होगी। यह चर्चा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दी गई 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने की समय सीमा से एक दिन पहले हो रही है।
लोकसभा सचिवालय ने इस विषय को नियम 193 के तहत चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया है। इस नियम के तहत अल्पकालिक चर्चा के लिए सरकार को जवाब देना आवश्यक है। चर्चा की शुरुआत तेदेपा सांसद बायरेड्डी शबरी और शिवसेना सदस्य श्रीकांत शिंदे करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि नक्सलवाद के खतरे को 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। यह चर्चा नक्सलवाद के खिलाफ सरकार के प्रयासों को लेकर होने वाली महत्वपूर्ण बहस का हिस्सा होगी, जिसमें सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी विचार किया जाएगा।
इसके अलावा, लोकसभा में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल, 2025 पर भी चर्चा होगी। यह बिल 27 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया था। इसके तहत कंपनियों और व्यक्तियों के दिवालिया होने के मामलों में देरी को कम करने और प्रक्रिया में सुधार लाने के उद्देश्य से संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं।
संसदीय कार्यवाही में विपक्ष का हंगामा, प्रश्नकाल के दौरान स्थगित हुई कार्यवाही
लोकसभा में आज विपक्षी दलों द्वारा प्रश्नकाल के दौरान हंगामा भी हुआ, जिसके कारण कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। हालांकि, महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा जारी रहेगी, और सरकार इन पर जवाब देगी।



