भारत-ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया, आतंकवाद के खिलाफ मिलकर करेंगे कार्रवाई

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देते हुए संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया है। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने, समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई है।
मेलबर्न में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग (2026) पर संयुक्त घोषणा पत्र का अनावरण किया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों और भविष्य की रणनीति की जानकारी साझा की गई।
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग, ऑस्ट्रेलिया करेगा यूरेनियम की आपूर्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करेगा, जिससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर सहमति जताई और यूरेनियम निर्यात समझौते को अंतिम रूप देने की पुष्टि की।
आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा पर साझा रणनीति
संयुक्त घोषणा पत्र में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए भी साझा रणनीति पर सहमति व्यक्त की, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखी जा सके।
क्वाड और इंडो-पैसिफिक पहल के तहत बढ़ेगा सहयोग
घोषणा पत्र के अनुसार, भारत और ऑस्ट्रेलिया अमेरिका और जापान के साथ अपने सहयोग का और विस्तार करेंगे। यह सहयोग क्वाड (Quad) और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
दोनों देशों ने तेजी से बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल के बीच अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership – CSP) को और मजबूत करने तथा रणनीतिक समन्वय बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।
खुले और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक के लिए साझा संकल्प
संयुक्त बयान में दोनों प्रधानमंत्रियों ने कहा कि वे रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर जारी संयुक्त घोषणा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक खुले, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण के साझा लक्ष्य के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
भारत और ऑस्ट्रेलिया का यह संयुक्त घोषणा पत्र रक्षा, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



