अहवाज़ में अमेरिकी हवाई हमला, 3 की मौत; होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान तनाव और गहराया

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, गुरुवार तड़के दक्षिण-पश्चिमी शहर अहवाज़ के बाहरी इलाके में हुए अमेरिकी हवाई हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया।
अहवाज़ के बाहरी इलाके को बनाया गया निशाना
IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, खुजेस्तान प्रांत के सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था मामलों के उप-गवर्नर वलियोल्लाह हयाती ने बताया कि तड़के हुए हमले में अहवाज़ के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक स्थान को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, हमले के बाद राहत, बचाव और चिकित्सा अभियान लगातार जारी है तथा प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का हवाला
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई को हाल ही में मालवाहक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में उठाया गया कदम बताया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि जिन ठिकानों पर हमला किया गया, उनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरे में डालने के लिए किया जा सकता था।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार और तेल परिवहन मार्गों में से एक है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी सैन्य गतिविधियां
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि तेहरान के साथ लागू अंतरिम युद्धविराम अब प्रभावी रूप से समाप्त हो चुका है। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य अभियानों की पुष्टि भी की।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे मालवाहक जहाजों पर हाल में हुए हमलों के जवाब में की गई। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, बुधवार को किए गए हमले पहले दिन की तुलना में अधिक व्यापक और बड़े पैमाने पर थे।
वैश्विक चिंता बढ़ी
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज होता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
(नोट: यह समाचार ईरानी समाचार एजेंसी IRNA, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के बयानों और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। युद्ध जैसी परिस्थितियों में सामने आने वाले दावों की स्वतंत्र पुष्टि हमेशा संभव नहीं होती।)



