कंगना रनौत आज रायपुर दौरे पर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ देखेंगी ‘भारत भाग्य विधाता’


रायपुर। बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद Kangana Ranaut अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रचार अभियान के तहत आज रायपुर पहुंचेंगी। उनके आगमन को लेकर राजधानी में उत्साह का माहौल है। इस विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai भी शामिल होंगे और फिल्म का अवलोकन करेंगे।
जानकारी के अनुसार, रायपुर के जोरा स्थित पीवीआर सिनेमा में शाम 4 बजे फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग और Meet & Greet कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस दौरान कंगना रनौत दर्शकों, मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगी। कार्यक्रम में फिल्म के लेखक एवं निर्देशक Manoj Tapadia भी मौजूद रहेंगे। वे फिल्म की कहानी, निर्माण प्रक्रिया और इसके सामाजिक संदेश पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री साय भी होंगे शामिल
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी होगी। मुख्यमंत्री फिल्म का अवलोकन करेंगे और आयोजन में हिस्सा लेंगे। कंगना रनौत और मुख्यमंत्री की संयुक्त उपस्थिति के कारण यह आयोजन राजधानी के चर्चित कार्यक्रमों में शामिल हो गया है। माना जा रहा है कि फिल्म के विषय और उसके सामाजिक संदेश को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा भी हो सकती है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कंगना रनौत के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी रहेगी। आयोजन स्थल पर भीड़ प्रबंधन और आम लोगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में प्रशंसकों के पहुंचने की संभावना है।
दोपहर 2 बजे पहुंचेंगी रायपुर
सूत्रों के मुताबिक कंगना रनौत दोपहर करीब 2 बजे इंडिगो की फ्लाइट से रायपुर पहुंचेंगी। उनका दौरा बेहद व्यस्त रहेगा और रात लगभग 9:15 बजे वे वापस रवाना होंगी।
नर्सिंग यूनिफॉर्म पर भी दिया बयान
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कंगना रनौत ने नर्सों की यूनिफॉर्म को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान नर्सिंग यूनिफॉर्म में ब्रिटिश काल का प्रभाव दिखाई देता है और समय के साथ इसमें बदलाव पर विचार किया जाना चाहिए। कंगना का मानना है कि नर्सों को अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार यूनिफॉर्म चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में यूनिफॉर्म को अधिक भारतीय स्वरूप दिया जा सकता है, जिससे यह अधिक व्यावहारिक और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक बन सके।



