ईरान-इजरायल तनाव चरम पर, मिसाइल हमलों के बीच शेल्टर में छिपे अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी


मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई के चलते क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इजरायल में तैनात अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी को भी सुरक्षा कारणों से शेल्टर में शरण लेनी पड़ी।
रविवार रात ईरान की ओर से इजरायल पर कई मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद पूरे देश में अलर्ट जारी कर दिया गया। सोमवार सुबह इजरायली सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई महत्वपूर्ण शहरों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
सुबह-सुबह गूंजे सायरन
अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि रविवार रात और सोमवार सुबह इजरायल के कई हिस्सों में मिसाइल हमलों की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों और शेल्टर में जाने के निर्देश दिए।
हकाबी के अनुसार, राहत की बात यह रही कि इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया। हालांकि लगातार हो रहे हमलों के कारण देशभर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
अमेरिका ने जताई चिंता
माइक हकाबी ने कहा कि ईरान और उसके सहयोगी समूह अमेरिका तथा इजरायल दोनों के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते खतरे को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मध्य-पूर्व में बढ़ी अस्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता सैन्य टकराव पूरे मध्य-पूर्व की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। दोनों देशों के बीच जारी हमलों से क्षेत्रीय संघर्ष और व्यापक होने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान निकालने की मांग भी तेज हो गई है।



