रायपुर-दिल्ली रूट पर उड़ानों में कटौती की तैयारी, 1 जून से यात्रियों को लग सकता है झटका

रायपुर। छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों को 1 जून से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। देश की प्रमुख विमानन कंपनियां इंडिगो और एयर इंडिया रायपुर-दिल्ली रूट पर अपनी कुछ उड़ानों में कटौती करने की तैयारी में हैं। हालांकि दोनों एयरलाइंस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार देशभर में उड़ानों के पुनर्गठन के तहत रायपुर से दिल्ली और दिल्ली से रायपुर के बीच संचालित दो फ्लाइटें बंद की जा सकती हैं।

वर्तमान में रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए प्रतिदिन कुल आठ उड़ानों का संचालन होता है, जिनमें छह इंडिगो और दो एयर इंडिया की फ्लाइट शामिल हैं। प्रस्तावित कटौती के बाद यात्रियों के लिए विकल्प सीमित हो सकते हैं।

अन्य रूटों पर भी घटाई गई उड़ानें

इंडिगो ने पहले ही कुछ रूटों पर उड़ानों की संख्या कम कर दी है। लखनऊ-रायपुर-भुवनेश्वर उड़ान, जो पहले सप्ताह के सातों दिन संचालित होती थी, अब केवल चार दिन चलेगी। वहीं पुणे-रायपुर-चेन्नई रूट की उड़ान भी सात दिन से घटाकर सप्ताह में तीन दिन कर दी गई है।

एयरलाइन अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही नया शेड्यूल जारी किया जाएगा, जिसमें प्रभावित उड़ानों और उनके संचालन संबंधी जानकारी स्पष्ट की जाएगी।

तेल की बढ़ती कीमतें बनीं बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत में वृद्धि के चलते एयरलाइंस अपने नेटवर्क की समीक्षा कर रही हैं। इसके अलावा मानसून सीजन के दौरान यात्रियों की संख्या में संभावित कमी को देखते हुए भी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव किया जा रहा है।

ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि उड़ानों में कटौती के बाद एयरलाइंस मांग वाले अन्य रूटों पर विमानों का संचालन बढ़ा सकती हैं। हर वर्ष बरसात के मौसम से पहले कई एयरलाइंस अपने नेटवर्क और शेड्यूल में बदलाव करती हैं।

90 दिनों तक लागू रह सकती है कटौती

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में करीब 15 प्रतिशत तक कटौती कर सकती है। वर्तमान में कंपनी हर सप्ताह लगभग 3,800 घरेलू उड़ानों का संचालन करती है।

वहीं देश की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन इंडिगो भी अपने ऑपरेशन में 5 से 7 प्रतिशत तक कमी करने की तैयारी में है। इंडिगो प्रतिदिन करीब 1,950 उड़ानें संचालित करती है, ऐसे में यह कटौती कुल उड़ानों के लिहाज से बड़ा असर डाल सकती है।

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कटौती 1 जून 2026 से लागू होकर अगले 90 दिनों तक प्रभावी रह सकती है। हालांकि अंतिम फैसला और आधिकारिक शेड्यूल जारी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या ट्रैवल एजेंट से उड़ानों की उपलब्धता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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