आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, आदेश में बदलाव से किया इनकार

नई दिल्ली: Supreme Court of India ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में 19 मई को दिए गए अपने आदेश में किसी भी तरह का बदलाव या स्पष्टीकरण देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले एनजीओ ‘Animal Are People Too’ को इस मामले में Punjab and Haryana High Court का रुख करने की सलाह दी।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके पूर्व आदेश में किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता को किसी स्थानीय प्रशासनिक कार्रवाई या आदेश को लेकर आपत्ति है, तो वह संबंधित हाईकोर्ट में अपनी बात रख सकता है।

कोर्ट ने एनजीओ की उस मांग को स्वीकार नहीं किया, जिसमें 19 मई के आदेश में संशोधन या अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की गई थी।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या, लोगों पर हमलों और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर विभिन्न राज्यों में लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई को कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां और निर्देश दिए थे।

इसके बाद एनजीओ ‘Animal Are People Too’ ने अदालत में आवेदन दाखिल कर आदेश में स्पष्टीकरण की मांग की थी। एनजीओ का कहना था कि आदेश की अलग-अलग तरीके से व्याख्या की जा रही है, जिससे पशु संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भ्रम की स्थिति बन रही है।

हाईकोर्ट जाने की दी सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी राज्य या स्थानीय निकाय के स्तर पर आदेश के क्रियान्वयन को लेकर विवाद है, तो संबंधित पक्ष पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट या अन्य सक्षम अदालतों में जा सकते हैं।

अदालत ने यह भी संकेत दिया कि स्थानीय परिस्थितियों और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट स्तर पर अधिक उपयुक्त होगी।

आवारा कुत्तों का मुद्दा बना बड़ा विवाद

देश के कई शहरों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वहीं पशु प्रेमी संगठन कुत्तों के संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यह मुद्दा अब कानूनी और सामाजिक बहस का बड़ा विषय बन चुका है।

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