NEET पेपर लीक के विरोध में बिलासपुर में NSUI का उग्र प्रदर्शन, सांसद आवास घेराव के दौरान पुलिस से झड़प


बिलासपुर। NEET पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में मंगलवार को बिलासपुर में NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र और युवा कार्यकर्ता सांसद तोखन साहू के आवास का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड पार करने की कोशिश को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
सांसद आवास घेरने निकले छात्र-युवा
NSUI के प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद आवास की ओर कूच करने लगे। संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था की थी। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले समझाइश दी, लेकिन भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी सांसद आवास की ओर बढ़ते रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता घायल
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा लाठीचार्ज की नौबत आ गई। घटना में कई NSUI कार्यकर्ता और कांग्रेस समर्थक घायल हो गए। प्रदर्शन में शामिल देवेंद्र यादव भी धक्का-मुक्की की घटना से प्रभावित हुए, जिसमें उनका कुर्ता फट गया। घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
पेपर लीक पर निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्र “पेपर लीक बंद करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाते रहे। NSUI नेताओं का आरोप है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
छात्रों के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान
इस प्रदर्शन के बाद NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



