14 जून को रायपुर में बड़ा बैठक, डीए, डीए एरियर, नियमितीकरण पर बनेगी प्रभावी आंदोलन की रणनीति


छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त बुजुर्गों तथा अनियमित कर्मचारियों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है।
पिछले कई सालों से अपनी गाढ़ी कमाई के एरियर (Arrears) के लिए तरस रहे प्रदेश के करीब 6 लाख अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। राज्य के लगभग चार लाख नियमित कर्मचारियों (Government Employees) और दो लाख से अधिक पेंशनरों का वर्ष 2017 से लेकर दिसंबर 2025 तक का, यानी कुल 86 महीनों का महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) एरियर की राशि का भुगतान अभी तक शासन स्तर पर अटका हुआ है।
इसी प्रकार अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में सरकार की निर्णय नहीं ले रही है।
इस बेहद गंभीर विषयों और लंबित वित्तीय विवाद (Financial Dispute) को लेकर आगामी 14 जून 2026, दिन रविवार को राजधानी रायपुर में एक प्रांतीय समीक्षा बैठक (Review Meeting) बुलाई गई है।
‘एक मांग एक मंच अभियान’ के प्रदेश संयोजक करन सिंह अटेरिया ने इस महाबैठक का आधिकारिक ऐलान करते हुए प्रदेश के सभी कर्मचारी और लिपिक संगठनों को एकजुट होने का आह्वान किया है।


