ईरान पर अमेरिका की नई सैन्य रणनीति, 140 से ज्यादा ठिकानों पर हमले; कुवैत, जॉर्डन और बहरीन भी हाई अलर्ट पर

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने ईरान में 140 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इस बीच कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में भी सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर रही।

140 से अधिक ठिकानों पर अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान में पहली बार पारंपरिक फाइटर जेट्स के साथ वन-वे अटैक ड्रोन और सी-ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।

CENTCOM के मुताबिक इन हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के रडार सिस्टम, मिसाइल डिपो और सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक और व्यावसायिक जहाजों पर संभावित हमलों की क्षमता को कम किया जा सके।

ईरान का दावा- अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में अपने “जैसे को तैसा” अभियान के तहत जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में बढ़ाई गई सुरक्षा

ईरानी हमलों के दावों के बीच खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी।

  • कुवैत की सशस्त्र सेनाओं ने कहा कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम हवाई क्षेत्र में “दुश्मन के एयर टारगेट” का मुकाबला कर रहा है।
  • जॉर्डन ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों को बीच रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
  • बहरीन में संभावित खतरे को देखते हुए चेतावनी वाले सायरन बजाए गए और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया।

होर्मुज क्षेत्र पर बढ़ी चिंता

अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य केवल ईरानी सैन्य क्षमताओं को सीमित करना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका ने अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं।

क्षेत्र में बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। क्षेत्रीय देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

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