राशन दुकान पहुंचने से पहले जान लें ये नया नियम, वरना हो सकती है परेशानी

रायपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन लेने वाले करोड़ों हितग्राहियों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने राशन वितरण की प्रक्रिया में संशोधन करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न वितरण मुख्य रूप से आधार प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक) के माध्यम से ही किया जाएगा। सामान्य परिस्थितियों में OTP के जरिए राशन वितरण की सुविधा समाप्त कर दी गई है।
इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, नवा रायपुर ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, शनिवार को कलेक्ट्रेट के रेडक्रॉस सभाकक्ष में राशन दुकान संचालकों की बैठक लेकर नई व्यवस्था की जानकारी दी गई।
OTP से राशन वितरण में मिल रही थीं शिकायतें
बैठक में खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत आधार प्रमाणीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश मिले हैं। OTP आधारित वितरण में अनियमितताओं और गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है।
नए नियम के तहत क्या बदलेगा?
- जिन राशन कार्डों में परिवार के मुखिया और सदस्यों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, उन्हें केवल बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही राशन मिलेगा।
- नॉमिनी के माध्यम से राशन लेने वालों को भी नॉमिनी के आधार प्रमाणीकरण के जरिए ही खाद्यान्न दिया जाएगा।
- विशेष परिस्थितियों में ही OTP का उपयोग किया जा सकेगा।
किन मामलों में मिलेगा OTP का विकल्प?
निम्न श्रेणी के हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण विफल होने की स्थिति में मोबाइल OTP के जरिए राशन दिया जा सकेगा—
- ऐसे राशन कार्ड जिनमें सभी सदस्य 60 वर्ष से अधिक या 10 वर्ष से कम आयु के हों।
- एकल निराश्रित राशन कार्डधारी।
- दिव्यांग (निशक्तजन) राशन कार्डधारी, जहां नॉमिनी की व्यवस्था नहीं है।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
खाद्य विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि कोई राशन दुकान संचालक बायोमेट्रिक की बजाय OTP को प्राथमिकता देकर खाद्यान्न वितरण करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, केवल दूरस्थ और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों की दुकानों में ऑफलाइन वितरण की अनुमति रहेगी।
अधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण
नई व्यवस्था के बीच खाद्य विभाग की संचालक फरिहा आमल सिद्दीकी और अपर संचालक निलिमा एलमा ने शनिवार को कई राशन दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संचालक ने देवेंद्र नगर स्थित राशन दुकान से 20 किलो चावल खरीदा, जबकि खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने मोवा की दुकान से 35 किलो चावल खरीदकर वितरण व्यवस्था का जायजा लिया।
पारदर्शिता बढ़ाने की पहल
खाद्य विभाग का मानना है कि बायोमेट्रिक आधारित वितरण व्यवस्था लागू होने से फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा तथा पात्र हितग्राहियों को ही राशन का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा। नई व्यवस्था से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।


