हाईवे पर सफर महंगा: नए टोल नियमों से स्थानीय लोगों पर पड़ेगा 350 रुपये का अतिरिक्त बोझ

रायपुर, छत्तीसगढ़: 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में हाईवे पर सफर महंगा हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा लागू किए गए नए टोल दरों के तहत अब प्रदेशभर में टोल प्लाजा की संख्या 24 से बढ़कर 25 हो गई है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा।

कवर्धा-सिमगा मार्ग पर नया टोल प्लाजा
नया टोल प्लाजा कवर्धा-सिमगा मार्ग पर बैजी में स्थापित किया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। खासकर, 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय रहवासियों को अब हर महीने 350 रुपये का पास लेना अनिवार्य होगा। इसका मतलब यह है कि अब नजदीकी सफर भी मुफ्त नहीं रहेगा और स्थानीय लोगों को टोल का भुगतान करना पड़ेगा।

टोल दरों में वृद्धि
नए नियम के तहत, टोल दरों में वृद्धि से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करना महंगा हो गया है। पहले जिन यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा थी, अब उन्हें भी अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। इसके साथ ही, हर जिले के लोगों पर टोल टैक्स का बोझ बढ़ेगा, जो कि उनकी रोजमर्रा की यात्रा को प्रभावित करेगा।

सफर में वृद्धि का असर
इस बदलाव का असर विशेष रूप से उन लोगों पर पड़ेगा जो हाईवे पर रोजाना यात्रा करते हैं, जैसे कि नौकरी पेशा लोग, व्यापारी और अन्य लोग जो इन मार्गों पर निर्भर रहते हैं। टोल दरों में वृद्धि के कारण उनकी यात्रा लागत में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनका मासिक बजट प्रभावित हो सकता है।

नए नियमों के लागू होने से, अब प्रदेश में हाईवे पर यात्रा करना और भी महंगा हो गया है। हालांकि, यह कदम सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए लिया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह एक अतिरिक्त वित्तीय बोझ साबित हो सकता है।

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