अक्षय तृतीया 2026: गृह प्रवेश के लिए शुभ दिन, जानें जरूरी नियम और सावधानियां


नई दिल्ली: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और फलदायी दिन माना जाता है। इस वर्ष यह पर्व 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन बिना मुहूर्त देखे भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन गृह प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है।
यदि आप इस शुभ अवसर पर नए घर में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो सही विधि और परंपराओं का ध्यान रखना आपके लिए मंगलकारी साबित हो सकता है।
गृह प्रवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान:
- शुभ मुहूर्त का चयन: यद्यपि अक्षय तृतीया स्वयं में अबूझ मुहूर्त माना जाता है, फिर भी स्थानीय पंचांग या ज्योतिषी से सलाह लेकर समय तय करना बेहतर होता है।
- घर की शुद्धि: प्रवेश से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें और गंगाजल या पवित्र जल का छिड़काव करें।
- हवन और पूजा: गृह प्रवेश पूजा, हवन और वास्तु शांति कराना शुभ माना जाता है।
- कलश स्थापना: घर के मुख्य द्वार पर कलश रखकर प्रवेश करना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- पहला प्रवेश: परंपरा के अनुसार परिवार का मुखिया या दंपति दाहिने पैर से घर में प्रवेश करते हैं।
- रसोई की शुरुआत: नए घर में सबसे पहले दूध उबालना शुभ माना जाता है, जो समृद्धि और वृद्धि का संकेत है।
किन बातों से बचें:
- घर में बिना पूजा के प्रवेश न करें
- अशुभ तिथि या राहुकाल में प्रवेश से बचें
- घर खाली छोड़कर तुरंत बाहर न जाएं
विशेषज्ञों के अनुसार, विधि-विधान से किया गया गृह प्रवेश न केवल सकारात्मक ऊर्जा लाता है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास भी सुनिश्चित करता है।
अक्षय तृतीया का यह शुभ अवसर नए जीवन की शुरुआत के लिए बेहद खास माना जाता है, ऐसे में सही नियमों के साथ किया गया गृह प्रवेश आपके भविष्य को उज्जवल बना सकता है।



