JPSC-JSSC विवाद पर छात्रों की बड़ी जीत! JSSC-CGL समेत TDPL की सभी विवादित परीक्षाएं रद्द

JPSC-JSSC Controversy: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिली है। छात्र नेता देवेंद्र महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि झारखंड सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। उनके मुताबिक, सरकार ने JSSC-CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है।
देवेंद्र महतो ने सरकार के इस निर्णय को छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया। फैसले के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में खुशी का माहौल है।
2 जुलाई से शुरू हुआ था छात्रों का आंदोलन
छात्र नेता देवेंद्र महतो के मुताबिक, आंदोलन की शुरुआत 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) के रिजल्ट को लेकर हुई। रिजल्ट जारी होने के बाद 2 जुलाई से छात्रों ने विरोध शुरू किया था। इसके बाद 5 जुलाई से छात्र सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 21 जुलाई से CID ने जांच शुरू की।
जांच के बाद भी जारी रहा विरोध
देवेंद्र महतो के अनुसार, CID जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ कार्रवाई भी हुई, लेकिन छात्रों की मांग थी कि कथित अनियमितताओं के पीछे जिम्मेदार मुख्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसी मांग को लेकर छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखा और सरकार पर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बनाया।
JSSC-CGL और TDPL की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला
देवेंद्र महतो ने दावा किया कि 17 अगस्त को झारखंड सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। इनमें JSSC-CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी शामिल थी।
सरकार के इस फैसले को छात्र नेता ने आंदोलन की बड़ी सफलता बताया है। हालांकि, परीक्षा रद्द किए जाने के बाद आगे की परीक्षा प्रक्रिया और नई परीक्षाओं की तारीखों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
‘यह छात्रों की एकजुटता की ऐतिहासिक जीत’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवेंद्र महतो ने आंदोलन में साथ देने वाले छात्रों और मीडिया का आभार जताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी अभ्यर्थियों और प्रदर्शनकारियों को धन्यवाद देते हुए इसे छात्रों की एकजुटता की ऐतिहासिक जीत बताया।
छात्रों में खुशी की लहर
सरकार के फैसले की जानकारी सामने आने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में खुशी का माहौल है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।
आंदोलन से जुड़े छात्रों ने संकेत दिया है कि वे भविष्य में भी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।



