रायपुर में 740 सीटें अब भी खाली, प्रदेशभर में 9 हजार से अधिक सीटों पर दाखिला बाकी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसके बावजूद राज्यभर में हजारों सीटें अब भी खाली हैं। राजधानी रायपुर में ही 740 सीटों पर अभी तक प्रवेश नहीं हो सका है, जबकि पूरे प्रदेश में 9,000 से अधिक सीटों पर दाखिला होना बाकी है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने पात्र अभिभावकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।

राज्यभर में 9,242 सीटें अब भी रिक्त

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 6,858 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 23,124 सीटें निर्धारित की गई हैं। पहले और दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया के बाद 13,882 विद्यार्थियों का दाखिला हो चुका है, जबकि 9,242 सीटें अब भी खाली हैं। अंतिम चरण शुरू होने के बावजूद अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं मिलने से विभाग की चिंता बढ़ गई है।

5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन का मौका

संचालनालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, आरटीई प्रवेश के तीसरे एवं अंतिम चरण के लिए पात्र अभिभावक 5 अगस्त तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

प्रवेश प्रक्रिया का कार्यक्रम इस प्रकार है—

  • 5 अगस्त तक – ऑनलाइन आवेदन
  • दस्तावेज सत्यापन – नोडल प्राचार्यों द्वारा
  • 10 से 14 अगस्त – चयन सूची जारी
  • 17 से 25 अगस्त – चयनित विद्यार्थियों का स्कूलों में प्रवेश

हिंदी माध्यम स्कूलों में ज्यादा खाली हैं सीटें

शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों में अधिकांश सीटें भर चुकी हैं, जबकि हिंदी माध्यम के कई निजी स्कूलों में अब भी बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं। अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में दाखिला दिलाना चाहते हैं, जिसके कारण हिंदी माध्यम स्कूलों में आवेदन अपेक्षाकृत कम आए हैं।

देरी से प्रवेश पर अभिभावकों की चिंता

अभिभावकों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में देरी का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। यदि 25 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी होती है, तब तक स्कूलों का सिलेबस काफी आगे बढ़ चुका होगा। ऐसे में नए विद्यार्थियों को पढ़ाई में तालमेल बैठाने में कठिनाई हो सकती है।

अभिभावकों का सुझाव है कि आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया स्कूल खुलने से पहले पूरी कर ली जाए, ताकि सभी बच्चों को शुरुआत से ही नियमित कक्षाओं का लाभ मिल सके।

अंतिम चरण पर टिकी विभाग की उम्मीदें

अब शिक्षा विभाग की निगाहें अंतिम चरण पर हैं। यदि आने वाले दिनों में आवेदन संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई, तो इस वर्ष भी प्रदेशभर में हजारों आरटीई सीटें खाली रह सकती हैं। विभाग ने सभी पात्र अभिभावकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को नि:शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके.

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