छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: 200 यूनिट तक बिल में 50% छूट, 5 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बिजली बिल में मिलने वाली सब्सिडी योजनाओं को जारी रखने का फैसला किया है। नए टैरिफ संशोधन के बावजूद गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को पहले की तरह बिजली बिल में 50 प्रतिशत तक की छूट और मुफ्त बिजली का लाभ मिलता रहेगा।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अनुसार, मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली खपत पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस योजना से राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कुल 3 लाख 82 हजार 519 उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।

बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली

विभाग के अनुसार चारों जिलों में 1 लाख 17 हजार 661 बीपीएल उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 30 यूनिट तक बिजली निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।

राजनांदगांव जिले को सबसे ज्यादा फायदा

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना का सबसे अधिक लाभ राजनांदगांव जिले के उपभोक्ताओं को मिल रहा है। जिले में करीब 1.92 लाख घरेलू उपभोक्ता इस योजना के दायरे में हैं। विद्युत विभाग का दावा है कि इन योजनाओं के कारण अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दरों में वृद्धि का वास्तविक प्रभाव शून्य से लेकर अधिकतम 3.65 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा।

सूर्य घर योजना में आकर्षक सब्सिडी

सीएसपीडीसीएल के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इससे उपभोक्ता अपने बिजली बिल को काफी हद तक कम या पूरी तरह समाप्त कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की।

स्मार्ट मीटर पर सियासत तेज

इधर, स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत सामान्य से अधिक दर्ज की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बिल बढ़ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि जून महीने में 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसत से काफी अधिक आए हैं।

पार्टी ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए राज्य सरकार से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। वहीं सरकार और बिजली विभाग का कहना है कि योजनाओं के चलते आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

मानसून सत्र में गूंज सकता है बिजली का मुद्दा

बिजली दरों में वृद्धि, स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन की रणनीति बनाई है। सड़क से लेकर विधानसभा तक इस मुद्दे को उठाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में आगामी मानसून सत्र में बिजली और स्मार्ट मीटर का मुद्दा प्रदेश की राजनीति का प्रमुख विषय बन सकता है।

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