रायपुर में महिलाओं के नाम पर बढ़ीं प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियां, 50% शुल्क छूट से बदल रहा संपत्ति स्वामित्व का ट्रेंड

रायपुर में महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री कराने पर मिलने वाली 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क छूट का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इस योजना के चलते बड़ी संख्या में लोग जमीन और मकानों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर करा रहे हैं। नतीजतन, संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है और रजिस्ट्री के मामले में महिलाएं पुरुषों से आगे निकलती नजर आ रही हैं।

मई में 2026 रजिस्ट्रियां, 1105 महिलाओं के नाम

पंजीयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में मई 2026 के दौरान कुल 2026 संपत्ति रजिस्ट्रियां हुईं। इनमें से 1105 रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम पर दर्ज की गईं, जो कुल रजिस्ट्रियों का आधे से अधिक हिस्सा है। यह पहली बार है जब महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्रियों की संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट ने लोगों को महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए प्रेरित किया है। इससे न केवल परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, बल्कि महिलाओं की संपत्ति में हिस्सेदारी भी बढ़ रही है।

परिवारों को लाखों रुपये की बचत

महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने से परिवारों को पंजीयन शुल्क में बड़ी राहत मिल रही है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, केवल मई महीने में ही महिलाओं के नाम पर हुई रजिस्ट्रियों से लाखों रुपये की बचत हुई है। यह राशि भविष्य में परिवारों के अन्य आवश्यक कार्यों और निवेश में उपयोग की जा सकती है।

8 हजार से लेकर 99 हजार रुपये तक का फायदा

पंजीयन विभाग के अनुसार, महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री कराने वाले परिवारों को 8 हजार रुपये से लेकर लगभग 99 हजार रुपये तक की बचत हुई है।

उदाहरण के तौर पर रायपुर एसआर-2 कार्यालय में एक महिला के नाम पर 49.77 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति की रजिस्ट्री हुई। इस संपत्ति पर पंजीयन शुल्क छूट से पहले 1,99,160 रुपये बनता था, लेकिन 50 प्रतिशत छूट मिलने के बाद शुल्क घटकर 99,580 रुपये रह गया। इससे संबंधित परिवार को करीब 99,580 रुपये की सीधी बचत हुई।

महिलाओं को मिल रहा संपत्ति स्वामित्व का अधिकार

इस योजना का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव यह है कि अब महिलाएं केवल नाममात्र की भागीदार नहीं, बल्कि संपत्ति की वास्तविक मालिक बन रही हैं। लंबे समय से संपत्तियों की रजिस्ट्रियां मुख्य रूप से पुरुषों के नाम पर होती रही हैं, लेकिन शुल्क छूट की नीति ने इस परंपरा को बदलना शुरू कर दिया है।

क्या बोले पंजीयक अधिकारी?

रायपुर के पंजीयक अधिकारी विनोज कोचे ने बताया कि पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने के बाद महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोग इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अब जमीन और मकानों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर कराना अधिक पसंद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम दे रही है।

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