मुख्यमंत्री साय ने NHM कर्मियों को दिया बड़ा तोहफा, 33 दिन का वेतन और कैशलेस इलाज की घोषणा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में की।
मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में एनएचएम कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और सरकार उनके कार्यों का सम्मान करती है।
कोरोना काल में निभाई थी अहम भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट से जूझ रही थी, तब एनएचएम के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने उस कठिन दौर में मानवता की मिसाल पेश की, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने बताया कि आज भी प्रदेश के कई दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य कर्मी पैदल चलकर, नदी-नाले पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं।
‘स्वस्थ बस्तर अभियान’ का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में चलाए जा रहे “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत अब तक लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है, जिससे विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती सहित कई कदम उठाए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कर्मचारियों से सेवा भावना और समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।
NHM कर्मचारियों को कैशलेस इलाज और बीमा सुविधा
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री Shyam Bihari Jaiswal ने कहा कि जशपुर से सुकमा तक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में एनएचएम कर्मचारियों की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की घोषणा करते हुए बताया कि अब एनएचएम कर्मचारी भी कैशलेस उपचार योजना के दायरे में शामिल होंगे।
इसके अलावा कर्मचारियों को जीवन बीमा सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिसके तहत:
- सामान्य मृत्यु पर 6 लाख रुपये
- दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1.40 करोड़ रुपये
- स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1.40 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी आ रही है और नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 116 नए विशेषीकृत स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन भी कर लिया गया है।
घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर
मुख्यमंत्री द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद महासम्मेलन में मौजूद एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


