छत्तीसगढ़ में राशन कार्डधारकों की बढ़ी परेशानी, नए कार्ड पर दो महीने बाद मिल रहा राशन, ई-केवायसी के बाद भी अटक रहा खाद्यान्न

तकनीकी खामियों से जूझ रहे हितग्राही, ई-केवायसी पूर्ण होने के बावजूद कई लोगों को नहीं मिल रहा राशन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े हितग्राहियों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। नए राशन कार्ड बनवाने वाले लोगों को तत्काल खाद्यान्न का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि कई हितग्राही ऐसे भी हैं जिन्हें ई-केवायसी कराने के बाद भी राशन से वंचित होना पड़ रहा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों से इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं।

नए राशन कार्ड पर दो महीने तक इंतजार

नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड बनने के बाद लाभार्थियों को तुरंत खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। कई मामलों में नए कार्डधारकों को तीसरे महीने से राशन मिलना शुरू हो रहा है। इसके पीछे मुख्य वजह खाद्यान्न आवंटन की प्रक्रिया बताई जा रही है।

दरअसल, जिस महीने खाद्यान्न वितरण किया जाना होता है, उसका आवंटन एक माह पहले ही कर दिया जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति का नया राशन कार्ड जून के पहले सप्ताह में भी बन जाता है, तो उसे जून और जुलाई में राशन नहीं मिल पाता तथा अगस्त से खाद्यान्न मिलने की संभावना बनती है।

ई-केवायसी के बाद भी नहीं मिल रहा राशन

वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के तहत सभी राशन कार्ड सदस्यों के लिए ई-केवायसी अनिवार्य कर दी गई है। प्रदेशभर में 2 करोड़ 40 लाख से अधिक सदस्य ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। इसके बावजूद कई हितग्राहियों को राशन नहीं मिल पा रहा है।

शिकायतों के अनुसार, कुछ लोगों ने ई-केवायसी कराने के बाद कई महीनों तक खाद्यान्न प्राप्त किया, लेकिन बाद में सॉफ्टवेयर में उनका सत्यापन लंबित (Pending) दिखने लगा। इसके कारण राशन दुकानों की ई-पॉस मशीन से खाद्यान्न वितरण बंद हो गया और हितग्राहियों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

खाद्य विभाग तक पहुंच रहीं शिकायतें

नगर निगम के जोन कार्यालयों से लेकर खाद्य विभाग तक लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं। हितग्राहियों का कहना है कि ई-केवायसी पूर्ण होने के बावजूद सिस्टम में उनका रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो रहा है। वहीं नए कार्डधारकों का खाद्यान्न आवंटन भी समय पर सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं हो पा रहा है, जिससे उन्हें निर्धारित लाभ नहीं मिल रहा।

तकनीकी समस्या बता रहा विभाग

खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में सॉफ्टवेयर संबंधी तकनीकी दिक्कतों के कारण ऐसी समस्याएं सामने आ रही हैं। विभाग का दावा है कि शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है और सिस्टम में सुधार के प्रयास जारी हैं।

अधिकारियों ने हितग्राहियों से अपील की है कि यदि उन्होंने अभी तक ई-केवायसी नहीं कराई है तो जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें। साथ ही राशन नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित राशन दुकान, खाद्य निरीक्षक या विभागीय कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।

हितग्राहियों में बढ़ रही चिंता

लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं और राशन वितरण में देरी के कारण गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की चिंता बढ़ गई है। हितग्राहियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों को जल्द दूर करना आवश्यक है।

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