PM सूर्य घर योजना में बड़ी लापरवाही: सोलर पैनल लगने के बाद भी महीनों से नहीं मिल रहा लाभ, वेंडरों की मनमानी से उपभोक्ता परेशान

रायपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेशभर में बड़ी संख्या में लोग सोलर पैनल लगवा रहे हैं, लेकिन योजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं के घरों में सोलर सिस्टम स्थापित होने के बावजूद वे महीनों बाद भी चालू नहीं हो पाए हैं। इसके पीछे वेंडरों की लापरवाही और आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी न करना मुख्य वजह बताई जा रही है।

गर्मी के मौसम और बढ़ते बिजली बिलों से राहत पाने के उद्देश्य से लोग तेजी से योजना से जुड़ रहे हैं, लेकिन सोलर सिस्टम लगाने के बाद कनेक्शन शुरू कराने की जिम्मेदारी निभाने में कई वेंडर असफल साबित हो रहे हैं। परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को एक से दो महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है।

स्मार्ट मीटर और दस्तावेज प्रक्रिया में देरी

रायपुर क्षेत्र के एसई महावीर विश्वकर्मा के अनुसार, सोलर पैनल तब तक शुरू नहीं हो सकता जब तक घर में स्मार्ट मीटर और सोलर इन्वर्टर की आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। इसके लिए वेंडर को सभी दस्तावेज संबंधित बिजली जोन कार्यालय में जमा करने होते हैं। दस्तावेज जमा होने के बाद ही स्मार्ट मीटर लगाकर कनेक्शन शुरू किया जाता है।

उन्होंने बताया कि उपभोक्ता स्वयं भी दस्तावेज जमा कर सकते हैं, लेकिन अधिकांश लोगों को प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती। ऐसे में वेंडर की जिम्मेदारी बनती है कि वह स्थापना के साथ-साथ कनेक्शन की प्रक्रिया भी पूरी कराए।

बिजली बेचने का भी होता है समझौता

कनेक्शन शुरू करने की प्रक्रिया के दौरान उपभोक्ता और सीएसपीडीसीएल के बीच नेट मीटरिंग एवं बिजली खरीद-बिक्री का समझौता भी किया जाता है। इसके तहत उपभोक्ता की जरूरत से अधिक उत्पादित बिजली को बिजली कंपनी निर्धारित दर पर खरीदती है।

विशेषज्ञों के अनुसार सोलर पैनलों की औसत आयु लगभग 25 वर्ष होती है और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित वेंडर की होती है।

उपभोक्ताओं की परेशानी

मामला-1: दो महीने बाद भी शुरू नहीं हुआ सिस्टम

कोटा निवासी पीजी रहांगडाले ने बताया कि अप्रैल में उनके घर सोलर सिस्टम लगा दिया गया था, लेकिन स्मार्ट मीटर नहीं लगने के कारण मई समाप्त होने तक भी कनेक्शन शुरू नहीं हो सका।

उन्होंने कहा, “बढ़ते बिजली बिल से राहत के लिए सोलर लगवाया था, लेकिन गर्मी का पूरा सीजन निकल गया और अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया।”

मामला-2: खराब सिस्टम, वेंडर ने उठाना बंद किया फोन

रामकुंड निवासी देवेंद्र सोनकर ने दिसंबर में सोलर पैनल लगवाया था, लेकिन सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई। एमसीबी ओवरलोड होने के कारण बार-बार ट्रिपिंग हो रही है।

देवेंद्र का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वेंडर न फोन उठा रहा है और न ही संदेशों का जवाब दे रहा है। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आ रहा कि शिकायत किसके पास लेकर जाएं।

प्रदेश में 1,222 वेंडर पंजीकृत

राज्य सरकार के अनुसार छत्तीसगढ़ ने सौर ऊर्जा अभियान के तहत सर्वाधिक वेंडर पंजीयन सुनिश्चित किया है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 1,222 वेंडर पंजीकृत हैं। विशेष बात यह है कि महिला स्व-सहायता समूहों को भी वेंडर के रूप में जोड़ा गया है।

पीएम सूर्य घर योजना: प्रदेश की स्थिति (1 जून 2026 तक)

  • कुल आवेदन प्राप्त: 1,93,371
  • स्थापित सौर संयंत्र: 61,700
  • स्थापना कार्य प्रगति पर: 1,32,028
  • सब्सिडी प्राप्त उपभोक्ता: 45,978
  • शून्य बिजली बिल का लाभ पाने वाले उपभोक्ता: 16,000
  • सोलर पैनल की अनुमानित आयु: 25 वर्ष

जवाबदेही तय करने की मांग

योजना से जुड़े उपभोक्ताओं का कहना है कि सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद भी यदि महीनों तक कनेक्शन शुरू नहीं होता या तकनीकी खराबी दूर नहीं की जाती, तो जिम्मेदार वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि वेंडरों की जवाबदेही तय किए बिना पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य पूरी तरह सफल नहीं हो पाएगा।

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