छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज, नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चर्चाएं गर्म

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का निर्धारित तीन वर्षीय कार्यकाल आगामी 9 जुलाई को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर पार्टी के भीतर मंथन शुरू हो गया है और कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।

युवा नेतृत्व पर दांव लगाने की तैयारी

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) इस बार संगठन की कमान किसी युवा और सक्रिय नेता को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है। कांग्रेस नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 25 नवंबर को प्रदेश की 41 जिला कांग्रेस कमेटियों में से लगभग 25 जिलों में नए और युवा अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। अब उसी तर्ज पर प्रदेश स्तर पर भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

इन नेताओं के नाम सबसे आगे

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में कई प्रमुख नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। इनमें पूर्व मंत्री और खरसिया विधायक उमेश पटेल का नाम सबसे प्रमुख माना जा रहा है। संगठनात्मक अनुभव और युवा नेतृत्व की छवि उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है।

इसके अलावा भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का नाम भी तेजी से चर्चा में है। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऊर्जावान और जनाधार वाले नेता के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज की दावेदारी भी अभी खत्म नहीं मानी जा रही है। आदिवासी समाज में उनकी मजबूत पकड़ और संगठन में सक्रिय भूमिका उनके पक्ष में महत्वपूर्ण कारक माने जा रहे हैं।

टीएस सिंहदेव भी बनाए हुए हैं सक्रियता

पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी प्रदेशाध्यक्ष पद की चर्चा में शामिल हैं। सिंहदेव पहले भी सार्वजनिक रूप से संगठन की जिम्मेदारी संभालने की इच्छा जता चुके हैं। हाल के महीनों में सरगुजा, कोरबा और जांजगीर-चांपा क्षेत्रों में उनकी बढ़ी सक्रियता को भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अभनपुर में हो सकता है बड़ा आयोजन

सूत्रों के मुताबिक, अभनपुर में 21 से 30 जून के बीच जिला कांग्रेस अध्यक्षों का एक बड़ा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रशिक्षण शिविर के बाद संगठनात्मक फेरबदल को अंतिम रूप दिया जा सकता है और छत्तीसगढ़ कांग्रेस को नया प्रदेशाध्यक्ष मिल सकता है।

हाईकमान के फैसले पर टिकी निगाहें

कांग्रेस संगठन में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अब अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में है। युवा और अनुभवी नेतृत्व के बीच संतुलन बनाते हुए कांग्रेस जल्द ही नया प्रदेशाध्यक्ष घोषित कर सकती है। ऐसे में आने वाले कुछ सप्ताह छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

Related Articles

Back to top button