फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में हाईकोर्ट सख्त, 4 महीने में जांच और कार्रवाई के निर्देश

बिलासपुर। फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दिए गए पूर्व आदेशों का पालन नहीं होने पर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि शिकायतों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ चार महीने के भीतर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता जयश्री सिंह पुसाम की ओर से बताया गया कि उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति के अधिकारियों ने न्यायालय के पूर्व आदेशों का पालन नहीं किया है। इस संबंध में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि न्यायालय द्वारा पहले दिए गए आदेश के पालन के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई थी। इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी के समक्ष नए सिरे से अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि अभ्यावेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी होगी और यदि फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करने या बनवाने में किसी की भूमिका पाई जाती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने के बाद चार महीने के भीतर जांच पूरी कर कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस आदेश को फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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