छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक का इंतजार, 4 दिन में बारिश के आसार; बुवाई की तैयारी में जुटे किसान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। प्रदेश के किसान अब मानसून की पहली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि धान समेत अन्य फसलों की बुवाई शुरू की जा सके। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के भीतर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदाबाजार और कबीरधाम सहित कई जिलों में खेतों की जुताई, समतलीकरण और मेड़बंदी का कार्य लगभग 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। मानसून की आहट के साथ ही खेती-किसानी में हाथ बंटाने के लिए दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर भी अपने गांव लौटने लगे हैं।

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में लगभग 47.8 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का करीब 35 प्रतिशत हिस्सा है। इनमें से लगभग 37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर होने के कारण समय पर मानसून का आगमन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

अगले चार दिनों में बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मौसम प्रणाली सक्रिय हो रही है, जिसके प्रभाव से कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।

राजधानी रायपुर में 8 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

मौसम में संभावित बदलाव के बीच किसान उम्मीद कर रहे हैं कि मानसून की समय पर दस्तक खरीफ सीजन के लिए शुभ संकेत साबित होगी और खेती-किसानी की गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी।

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