छत्तीसगढ़ में “श्रम सम्मान राशि” पर संकट: अनियमित कर्मचारियों में भारी आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

रायपुर, 6 जून 2026। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अनियमित कर्मचारियों को दी जाने वाली प्रतिमाह ₹4000 की “श्रम सम्मान राशि” के भुगतान पर उत्पन्न अनिश्चितता को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि सरकार इस योजना को बिना किसी आधिकारिक घोषणा के बंद करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने वित्त निर्देश 29/2023 के तहत श्रम विभाग द्वारा निर्धारित दरों पर दैनिक एवं मासिक वेतन प्राप्त करने वाले अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रेणी के कर्मचारियों को प्रतिमाह ₹4000 की श्रम सम्मान राशि प्रदान करने का निर्णय लिया था। यह व्यवस्था 1 अगस्त 2023 से लागू की गई थी, जिससे प्रदेश के 35 हजार से अधिक अनियमित कर्मचारियों को लाभ मिल रहा था।

हालांकि, 5 जून 2026 को वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, इन्द्रावती कोषालय, नवा रायपुर द्वारा जारी एक पत्र में बिना नियुक्ति आदेश के श्रम सम्मान राशि संबंधी देयकों को कोषालय में प्रस्तुत नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को राशि के भुगतान पर संशय की स्थिति पैदा हो गई है।

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने इस निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उन कर्मचारियों को लाभ से वंचित कर रही है, जिनके लिए यह योजना विशेष रूप से लागू की गई थी।

उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अनियमित कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे समय में श्रम सम्मान राशि के भुगतान पर रोक लगाना कर्मचारी हितों के खिलाफ है और इससे हजारों परिवारों पर आर्थिक प्रभाव पड़ेगा।

फेडरेशन की प्रमुख मांगें

फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मांग की है कि:

  • श्रम सम्मान राशि योजना को पूर्ववत जारी रखा जाए।
  • सभी दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर एवं श्रमायुक्त दर पर कार्यरत कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • कोषालय और विभागीय स्तर पर उत्पन्न भ्रम की स्थिति को तत्काल समाप्त किया जाए।
  • भुगतान संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर कर्मचारियों की चिंता दूर की जाए।

आंदोलन की चेतावनी

फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि श्रम सम्मान राशि के भुगतान में बाधा उत्पन्न करने वाले आदेशों को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश के अनियमित कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। संगठन का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद या आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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