छत्तीसगढ़ के पूर्व IAS अधिकारी बीकेएस रे का निधन, रायपुर एम्स में ली अंतिम सांस; प्रशासनिक जगत में शोक की लहर


रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। राज्य के वरिष्ठ रिटायर्ड आईएएस अधिकारी बीकेएस रे का निधन हो गया है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज रायपुर स्थित All India Institute of Medical Sciences Raipur में जारी था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1972 बैच के अधिकारी रहे बीकेएस रे ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के शुरुआती वर्षों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने और सुशासन की व्यवस्था स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अपनी स्पष्ट सोच, दूरदर्शी नेतृत्व और जनहितकारी कार्यशैली के कारण वे प्रशासनिक सेवा में विशेष पहचान रखते थे।
कई महत्वपूर्ण विभागों की संभाली जिम्मेदारी
अपने सेवाकाल के दौरान बीकेएस रे ने गृह, परिवहन और विमानन जैसे अहम विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा वे प्रशासन अकादमी के महानिदेशक, माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष और व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। शासन-प्रशासन से जुड़े कई नीतिगत निर्णयों और सुधारात्मक पहलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
साहित्य और मीडिया क्षेत्र में भी बनाई पहचान
प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ बीकेएस रे साहित्य और लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। उन्हें ग्रीस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, जहां साहित्यिक योगदान के लिए सुकरात अवॉर्ड तथा मीडिया क्षेत्र में योगदान के लिए ट्रू मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। इस सम्मेलन में उन्होंने अपनी कविताओं का पाठ भी किया था।
सेवानिवृत्ति के बाद भी रहे सक्रिय
सेवानिवृत्ति के बाद भी बीकेएस रे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। प्रशासन, शिक्षा, सुशासन और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर उनके लेख और व्याख्यान लगातार चर्चा में रहते थे। उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन किया और विभिन्न विषयों पर नियमित रूप से अपने विचार साझा किए। उन्हें एक अध्ययनशील, विद्वान और संस्थान निर्माता अधिकारी के रूप में जाना जाता था।
उनके निधन पर पूर्व और वर्तमान नौकरशाहों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों ने उन्हें एक कुशल प्रशासक, संवेदनशील व्यक्तित्व और दूरदर्शी अधिकारी के रूप में याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।



